सेल्स मैनेजर पर 3 लाख की गड़बड़ी का आरोप: बिल बुक और स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर कर कृषि सेवा केंद्र को पहुंचाया नुकसान, केस दर्ज

Nikk Pandit
0
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में लाखों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दुकान संचालक ने अपने पूर्व सेल्स मैनेजर पर बिल बुक और स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर कर करीब 2 से 3 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायत की जांच के बाद पोहरी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम राठखेड़ा निवासी 28 वर्षीय आकाश वर्मा सोनीपुरा-शिवपुरी रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास दिव्या कृषि सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। उनकी दुकान पर किसानों को कृषि दवाइयां, बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। व्यवसाय के संचालन के लिए उन्होंने वर्ष 2022 में एक सेल्स मैनेजर की नियुक्ति की थी।

आकाश वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 जुलाई 2022 को ऐनपुरा निवासी अमन धाकड़ (वर्मा) को 8,500 रुपये प्रतिमाह वेतन पर सेल्स मैनेजर नियुक्त किया गया था। उसे दुकान की बिक्री, स्टॉक का रखरखाव, बिल बुक तैयार करना, स्टॉक रजिस्टर अपडेट करना तथा नकदी के हिसाब-किताब की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लंबे समय तक वह इन्हीं जिम्मेदारियों का निर्वहन करता रहा।

संचालक के अनुसार, 11 जनवरी 2026 को दुकान के बिल बुक और स्टॉक रजिस्टर का नियमित मिलान किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड में कई विसंगतियां सामने आईं। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज माल और बिल बुक के हिसाब में अंतर मिलने पर उन्हें गड़बड़ी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने पूरे रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कराई।

जांच के दौरान दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में कई स्थानों पर काटछांट की गई थी। आरोप है कि रिकॉर्ड में अतिरिक्त प्रविष्टियां दर्ज कर वास्तविक बिक्री और स्टॉक को छिपाने की कोशिश की गई। इस कथित हेरफेर के कारण दुकान को करीब 2 से 3 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।

आकाश वर्मा का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में अमन धाकड़ से पूछताछ की, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दिया था। संचालक के अनुसार आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह पूरी राशि वापस कर देगा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद उसने कोई भुगतान नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।

पीड़ित संचालक ने मामले की लिखित शिकायत पोहरी थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की प्रारंभिक जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी अमन धाकड़ (वर्मा) निवासी ऐनपुरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर लेखा-जोखा और वित्तीय रिकॉर्ड का भी परीक्षण कराया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला व्यापारिक प्रतिष्ठानों में वित्तीय रिकॉर्ड के पारदर्शी रखरखाव की आवश्यकता को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित ऑडिट, स्टॉक का समय-समय पर सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली अपनाने से इस प्रकार की गड़बड़ियों की संभावना कम की जा सकती है।

फिलहाल पोहरी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दुकान संचालक को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से उन्हें न्याय मिलेगा और उनके व्यवसाय को हुए आर्थिक नुकसान की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)