बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने स्कूल बसों और स्कूली वाहनों की जांच तेज कर दी है। प्रदेशव्यापी दस दिवसीय विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान के तहत बुधवार को शिवपुरी शहर में यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 से अधिक स्कूल बसों और स्कूली वाहनों की जांच की। जांच के दौरान नियमों और निर्धारित मापदंडों पर खरी नहीं उतरने वाली 8 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई, एक बस को जब्त किया गया, जबकि एक बस की फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
स्कूल खुलने के साथ ही शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। रोजाना हजारों बच्चे इन्हीं वाहनों के जरिए घर से स्कूल और स्कूल से वापस घर पहुंचते हैं। ऐसे में स्कूली वाहनों की तकनीकी स्थिति, चालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों का पालन सीधे तौर पर बच्चों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेशभर में दस दिवसीय विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, सड़क पर उतरी यातायात पुलिस
शिवपुरी पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव मुले के मार्गदर्शन में थाना यातायात शिवपुरी द्वारा शहर में स्कूली वाहनों की विशेष जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना और नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
9 जुलाई 2026 को यातायात थाना प्रभारी एवं रक्षित निरीक्षक रणवीर यादव अपने थाने के पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। यातायात पुलिस की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों को रोककर उनकी जांच की। अभियान के दौरान करीब 40 से अधिक बसों और वाहनों की चेकिंग की गई।
जांच में स्कूली वाहनों के संचालन से जुड़े निर्धारित सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों को परखा गया। जिन वाहनों में कमियां मिलीं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
8 बसों पर चालान, एक बस सीधे जब्त
यातायात पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 8 स्कूल बसें निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इन बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। वहीं एक बस में गंभीर कमी सामने आने पर यातायात पुलिस ने उसे जब्त कर लिया।
इसके अलावा एक अन्य बस की फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्कूल बस संचालकों में हलचल दिखाई दी।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यदि कोई स्कूल बस या स्कूली वाहन निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बस चालक की एक लापरवाही पड़ सकती है बच्चों की जिंदगी पर भारी
पुलिस के अनुसार, स्कूली बसों के संचालन में चालक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और यातायात नियमों का उल्लंघन कई बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनता है। स्कूल बस में एक साथ बड़ी संख्या में बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में चालक की छोटी सी लापरवाही कई परिवारों के लिए बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
इसी वजह से विशेष अभियान के तहत स्कूल बसों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन, बस संचालकों और वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है।
स्कूल बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन करना स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों की जिम्मेदारी है। वाहन की फिटनेस से लेकर उसके सुरक्षित संचालन तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बच्चों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर जांच
यातायात पुलिस द्वारा स्कूल बसों की जांच के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत निर्धारित प्रावधानों को आधार बनाया जा रहा है।
जांच के दौरान अपात्र पाए गए वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को हुई चेकिंग में 8 बसों पर चालानी कार्रवाई, एक बस की जब्ती और एक बस की फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई इसी अभियान के तहत की गई।
यातायात पुलिस की टीम शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्कूली वाहनों की जांच कर रही है। इससे उन वाहन संचालकों पर भी दबाव बढ़ा है जो सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर स्कूली वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
प्रदेशभर में दस दिन चलेगा विशेष अभियान
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा स्कूल बसों की जांच के लिए प्रदेशव्यापी दस दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। शिवपुरी जिले में भी इस अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ बड़ी संख्या में स्कूली वाहन सड़कों पर उतर चुके हैं। ऐसे में पुलिस का फोकस बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है। अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
यातायात पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि केवल वाहन पर 'स्कूल बस' लिख देने भर से जिम्मेदारी पूरी नहीं होगी। बस को निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना होगा और उसका संचालन भी नियमों के अनुसार करना होगा।
स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को भी रहना होगा सतर्क
स्कूली बच्चों को बसों और अन्य वाहनों से लाने-ले जाने वाले स्कूल प्रबंधन तथा वाहन संचालकों की जिम्मेदारी भी इस अभियान के बाद बढ़ गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
विशेष रूप से वाहन की फिटनेस और सुरक्षित संचालन को लेकर लापरवाही सामने आने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। शिवपुरी में एक बस की फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीकी रूप से अनुपयुक्त वाहन को बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
40 बसों की जांच में 10 पर कार्रवाई, अभियान ने खड़े किए सवाल
एक ही दिन में करीब 40 से अधिक स्कूली बसों और वाहनों की जांच के दौरान 8 पर चालान, एक बस जब्त और एक बस की फिटनेस निरस्त होने की कार्रवाई ने स्कूली परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। आखिर बच्चों को रोजाना स्कूल पहुंचाने वाले वाहनों में नियमों की कमी क्यों मिल रही है? क्या स्कूल प्रबंधन अपने वाहनों की नियमित जांच करा रहे हैं? और क्या बच्चों को बस में बैठाने से पहले अभिभावक वाहन की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दे रहे हैं?
फिलहाल शिवपुरी यातायात पुलिस का विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान जारी है। पुलिस की कार्रवाई का संदेश साफ है—स्कूल बस में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा से समझौता हुआ तो अब चालान ही नहीं, वाहन जब्ती और फिटनेस निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी होगी।