बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में संचालित दस्तक अभियान को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित अंतर-विभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि दस्तक अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिले के एक भी पात्र बच्चे को अभियान से वंचित नहीं छोड़ा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान का हर चरण पूरी गंभीरता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ संचालित किया जाए, क्योंकि बरसात के मौसम में बच्चों में डायरिया, कुपोषण, एनीमिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने दस्तक अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया, कुपोषण, एनीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में ओआरएस, जिंक टेबलेट, आयरन सिरप, विटामिन-ए और आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक परिवार को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत, दस्त होने पर ओआरएस और जिंक के सही उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही कई गंभीर बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि दस्तक अभियान की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी गतिविधियों का सत्यापन समय पर किया जाए और जहां भी गंभीर रूप से बीमार बच्चे मिलें, उन्हें तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, जिससे आम जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
इसके अलावा समय-सीमा के लंबित प्रकरणों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी बनाए रखें।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय राज, अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला सहित स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत, राजस्व तथा अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने बैठक के अंत में दोहराया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, बच्चों को बीमारियों से सुरक्षित रखना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की, ताकि जिले में दस्तक अभियान शत-प्रतिशत सफलता के साथ पूरा किया जा सके।