बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा है कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति और सम्मान का आधार शिक्षा है। यदि समाज को आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से आगे बढ़ाना है तो प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने यह बात सोमवार को शिवपुरी के मानस भवन में आयोजित 'सामाजिक संवाद' कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रबुद्धजन और विभिन्न सामाजिक वर्गों के नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. कैलाश जाटव ने भारत रत्न एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा से किसी प्रकार का समझौता न करें और उन्हें उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं।
डॉ. जाटव ने कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही अपने अधिकारों के प्रति सजग रहता है तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति या समुदाय विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव होता है या अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों का हनन किया जाता है तो वह राज्य अनुसूचित जाति आयोग से संपर्क कर सकता है। आयोग ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी सहयोग, भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. कैलाश जाटव ने उपस्थित नागरिकों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं, सुझाव और अनुभव गंभीरता से सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बैठक करना नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना और वंचित वर्गों तक उनका लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
शिवपुरी प्रवास के दौरान आयोग अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में जिले के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रबुद्धजनों के साथ भी बैठक की। इस बैठक में क्षेत्र के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक समरसता और स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर कार्य करें।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. कैलाश जाटव ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मीडिया शासन की योजनाओं, आयोग की गतिविधियों और जनहित के मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनुसूचित जाति वर्ग के साथ भेदभाव, अत्याचार या अधिकारों के हनन का मामला सामने आता है तो उसकी जानकारी तत्काल आयोग तक पहुंचाई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव, लवलेश जैन, कमलकिशोर कोड़े, श्यामलाल शाक्य, मदन खटीक, नरेंद्र राहुल, सुभाष जाटव, के.पी. परमार, वीरसिंह सगर, सत्यप्रकाश भरदेलिया, ज्ञाजीत बाबर डांडे, मनोज डांडे, नवलसिंह सोलंकी, गिर्राज शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
डॉ. कैलाश जाटव ने अंत में कहा कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकता ही समाज को आगे ले जाने का सबसे मजबूत आधार है। यदि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को शिक्षित बनाने का संकल्प ले तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य अधिक मजबूत और समृद्ध होगा।