शिवपुरी में एक साल तक 60 रुपये लीटर मिलेगा दूधदुग्ध विक्रेता और दूधिया संघ में समझौता, गुणवत्ता मानक भी तय

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के दूध उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिवपुरी में अब आगामी एक वर्ष तक दूध की कीमतों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं होगी। दुग्ध विक्रेता व्यापारी संघ और दूधिया (दुग्ध) संघ के बीच हुए आपसी समझौते के अनुसार 25 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2027 तक खुदरा उपभोक्ताओं को दूध 60 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं थोक विक्रेताओं के लिए दूध की कीमत 55 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। इस अवधि में दोनों संगठनों की सहमति के बिना दूध की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

यह निर्णय दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराना तथा दूध विक्रेताओं और उत्पादकों के बीच संतुलन बनाए रखना था। लंबे समय से दूध की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह समझौता आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है।

बैठक में केवल दूध की कीमत ही तय नहीं की गई, बल्कि उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी स्पष्ट मानक निर्धारित किए गए। तय मानकों के अनुसार दूध में फैट (वसा) की मात्रा 50 रखी जाएगी, जिसकी स्वीकार्य सीमा 48 से 52 के बीच होगी। वहीं एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) का मानक 85 निर्धारित किया गया है, जिसकी स्वीकार्य सीमा 80 से 85 तक रहेगी। दोनों संगठनों ने भरोसा दिलाया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप ही दूध उपलब्ध कराया जाएगा और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित गुणवत्ता से कम स्तर का दूध बेचता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध संगठन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं मानक स्तर का दूध मिलने की संभावना बढ़ेगी। संगठनों का कहना है कि दूध की गुणवत्ता बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी।

इस महत्वपूर्ण समझौते पर दुग्ध विक्रेता व्यापारी संघ के अध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार शाक्य तथा दूधिया (दुग्ध) संघ के अध्यक्ष कोक सिंह गुर्जर ने हस्ताक्षर किए। उनके साथ दोनों संगठनों के कई पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी अपनी सहमति दर्ज कराई। बैठक में पूर्व अध्यक्ष आनंद राठौर, मुकेश जैन, दीपेश राबैर, आशाराम चौरसिया, भूरा शिवहरे, शैलू शिवहरे, संतोष राबैर, पूर्व अध्यक्ष मंगल सिंह गुर्जर, मुकेश सिंह गुर्जर, गजराम सिंह गुर्जर, पवन यादव सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि यह समझौता उपभोक्ताओं, दूध उत्पादकों और विक्रेताओं—तीनों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। इससे बाजार में दूध की कीमतों को लेकर अनिश्चितता समाप्त होगी और उपभोक्ताओं को पूरे वर्ष एक ही दर पर दूध उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही गुणवत्ता मानकों के पालन से मिलावट जैसी शिकायतों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

दोनों संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता 24 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उस समय की परिस्थितियों, उत्पादन लागत, पशु आहार की कीमतों तथा अन्य आर्थिक पहलुओं का आकलन करते हुए पुनः संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। उसी बैठक में अगले वर्ष के लिए दूध की नई दरों और गुणवत्ता संबंधी मानकों पर निर्णय लिया जाएगा।

शहर के नागरिकों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि निर्धारित दर और गुणवत्ता का पालन ईमानदारी से किया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो शिवपुरी के हजारों परिवारों को पूरे वर्ष उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध हो सकेगा।
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