कमरा खाली करने को कहा तो किसान से मारपीट, किरायेदार पर स्मैक बेचने का आरोप

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के करैरा अनुभाग के अमोला थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण क्षेत्र में किरायेदार और मकान मालिक के रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम सिरसौद निवासी एक किसान ने अपने किरायेदार और उसकी पत्नी पर न केवल मारपीट करने का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी दावा किया है कि किरायेदार उसके मकान में कथित रूप से स्मैक का अवैध कारोबार करता था। किसान का कहना है कि जब उसने इस गतिविधि का विरोध करते हुए कमरा खाली करने के लिए कहा, तो किरायेदार दंपती ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। इतना ही नहीं, पीड़ित ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि शिकायत के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। अब उसने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।

डेढ़ साल पहले किराए पर दिया था कमरा

ग्राम सिरसौद निवासी गोपाल कोली के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने अपने मकान का एक कमरा गांव के ही रहने वाले राजेश कोली और उसकी पत्नी देवकी को किराए पर दिया था। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें किरायेदार की गतिविधियों पर संदेह होने लगा।

गोपाल का आरोप है कि राजेश ने कमरे में कथित रूप से स्मैक का अवैध कारोबार शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि कई संदिग्ध लोग उसके कमरे पर आने-जाने लगे थे। इसके अलावा राजेश स्वयं भी नशे का सेवन करता था और नशे की हालत में आए दिन गाली-गलौज और हंगामा करता था। इससे परिवार के लोग भयभीत रहने लगे और आसपास का माहौल भी प्रभावित होने लगा।

बार-बार कमरा खाली करने को कहा

गोपाल कोली का कहना है कि जब उन्हें कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी मिली तो उन्होंने कई बार राजेश से कमरा खाली करने के लिए कहा। पिछले एक-दो महीने से लगातार उसे मकान खाली करने की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन हर बार वह कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देता था।

पीड़ित का कहना है कि वह अपने परिवार की सुरक्षा और गांव के माहौल को देखते हुए जल्द से जल्द कमरा खाली कराना चाहता था, लेकिन किरायेदार इस बात को लेकर लगातार विवाद करता रहा।

22 जुलाई की सुबह हुआ विवाद

गोपाल कोली के अनुसार, 22 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे उन्होंने एक बार फिर राजेश से मकान खाली करने के लिए कहा। आरोप है कि इस बात पर राजेश और उसकी पत्नी देवकी भड़क गए और पहले गाली-गलौज शुरू कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर दोनों ने लाठी-डंडों और चप्पलों से उनके साथ मारपीट कर दी। मारपीट में उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं। उन्होंने बताया कि घटना अचानक हुई, जिससे उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला।

परिजनों ने बचाई जान

गोपाल कोली का कहना है कि घटना के दौरान उनके पुत्र अतुल कोली, नंदनी कोली और कमलेश कोली मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बीच-बचाव कर किसी तरह विवाद को शांत कराया और उन्हें आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया।

पीड़ित का कहना है कि यदि उनके परिजन समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो उनके साथ कोई गंभीर घटना हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी उस समय बेहद आक्रामक थे।

थाने में शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

मारपीट के बाद गोपाल कोली सीधे अमोला थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस को दी। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने न तो उनकी एफआईआर दर्ज की और न ही मेडिकल परीक्षण कराया।

पीड़ित का कहना है कि चोट लगने के बावजूद मेडिकल नहीं कराए जाने से उन्हें न्याय मिलने में कठिनाई हो सकती है। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार

स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद गोपाल कोली ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए किरायेदार और उसकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

इसके साथ ही उन्होंने मेडिकल परीक्षण कराए जाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

झूठे मामले में फंसाने की भी जताई आशंका

गोपाल कोली ने अपने आवेदन में यह भी आशंका व्यक्त की है कि आरोपी भविष्य में उन्हें या उनके परिवार के सदस्यों को किसी झूठे मामले में फंसा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विवाद के बाद से उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है।

इसी कारण उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे आरोप

फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के आधार पर सामने आया है। किरायेदार पर लगाए गए कथित स्मैक कारोबार और मारपीट के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यदि जांच में पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो जांच के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

फिलहाल पूरे मामले में सभी की नजर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर है, जहां से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

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