बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पानी भरने जैसे मामूली विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। नवाब साहब रोड स्थित एक किराए के मकान में रहने वाले जिला अस्पताल की नर्स और उनके पति के साथ कथित रूप से पड़ोस में रहने वाले दो भाइयों ने मारपीट कर दी। घटना के बाद घायल दंपती कोतवाली थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित राकेश सोलंकी मूल रूप से भोपाल के निवासी हैं और वर्तमान में अपनी पत्नी के साथ शिवपुरी शहर के नवाब साहब रोड स्थित एक किराए के मकान में रहते हैं। उनकी पत्नी शिवपुरी जिला अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत हैं। दंपती पिछले कुछ समय से इसी मकान में रह रहे हैं और पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ पानी भरने को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बनती रही है।
राकेश सोलंकी ने आरोप लगाया कि उनके पड़ोस में रहने वाले सूर्या राठौर और अमन राठौर से कई दिनों से पानी भरने को लेकर कहासुनी होती रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सीमित होने के कारण अक्सर टंकी और नल पर भीड़ रहती है। इसी वजह से पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बनी, लेकिन हर बार मामला शांत हो गया था।
सोमवार को एक बार फिर पानी भरने के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। राकेश के अनुसार, पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसी भाइयों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोप है कि दोनों भाइयों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
राकेश का आरोप है कि जब उनकी पत्नी बीच-बचाव करने आईं तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना से दोनों को चोटें आईं और आसपास रहने वाले लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिसके बाद दोनों पक्ष अलग हुए।
घटना के बाद पीड़ित दंपती सीधे कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों की शिकायत सुनने के बाद एनसीआर दर्ज कर ली। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में मामला पानी भरने के विवाद से जुड़ा हुआ सामने आया है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। यदि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर संज्ञेय अपराध बनता है, तो आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की समस्या के कारण कई बार छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़े का रूप ले लेते हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस तरह के विवादों का समाधान नहीं किया जाए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पीड़ित राकेश सोलंकी ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और मरीजों की सेवा करती हैं, लेकिन घर के बाहर इस तरह की घटना से पूरा परिवार भय और असुरक्षा महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भविष्य में भी पड़ोसियों से खतरा बना हुआ है, इसलिए पुलिस उन्हें उचित सुरक्षा उपलब्ध कराए।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस ओर संकेत करती है कि शहरी क्षेत्रों में पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर बढ़ रहे विवाद अब सामाजिक तनाव का कारण बनते जा रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए भी यह आवश्यक है कि पेयजल वितरण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाए, ताकि छोटी-छोटी बातों पर पड़ोसियों के बीच टकराव की नौबत न आए।
फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।