ककरवाया में प्रशासन का बड़ा एक्शन, ‘भैया होटल’ पर चला बुलडोजर

Nikk Pandit
0
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई, SDM आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व में अतिक्रमण ध्वस्त; तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण की सक्रियता से मौके पर कसा शिकंजा

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर बुधवार को ग्राम ककरवाया में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर संचालित ‘भैया होटल (भैयालाल एंड रेस्टोरेंट)’ के अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान होटल परिसर से भारी मात्रा में अवैध मदिरा, घरेलू गैस सिलेंडर सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। वहीं अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े बताए जा रहे जेसीबी, डंपर और ट्रॉली को भी जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

इस पूरी कार्रवाई में एसडीएम श्री आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व में राजस्व, आबकारी, खनिज, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम मैदान में उतरी। वहीं तहसीलदार श्री सिद्धार्थ भूषण की सक्रिय प्रशासनिक भूमिका और राजस्व अमले के समन्वय से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामले में त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अलग-अलग विभागों की टीमों ने अपने-अपने स्तर पर जांच की और सामने आई अनियमितताओं पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की।

कलेक्टर के निर्देश पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्ती

कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा द्वारा जिले में शासकीय भूमि की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अमले को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में जांच कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसी प्रशासनिक सख्ती का असर बुधवार को ककरवाया में दिखाई दिया। संयुक्त दल ने होटल परिसर में पहुंचकर अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की। कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि आबकारी, खाद्य और खनिज विभाग ने भी अपने अधिकार क्षेत्र से जुड़े मामलों की पड़ताल की।

SDM आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व में संयुक्त टीम का एक्शन

ककरवाया में हुई कार्रवाई की कमान एसडीएम श्री आनंद सिंह राजावत ने संभाली। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। एक ही परिसर में अलग-अलग तरह की कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद विभागीय टीमों ने अपने स्तर पर कार्रवाई की।

एसडीएम राजावत के नेतृत्व में प्रशासन की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मौके पर राजस्व से लेकर आबकारी, खाद्य, खनिज और पुलिस विभाग तक की टीम सक्रिय रही। संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित सभी विभागों द्वारा एक साथ वैधानिक शिकंजा कसा जाएगा।

तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण की सक्रियता, राजस्व अमले ने हटाया अतिक्रमण

राजस्व कार्रवाई में तहसीलदार श्री सिद्धार्थ भूषण की सक्रिय भूमिका और मैदानी समन्वय महत्वपूर्ण रहा। पटवारी गश्त के दौरान ग्राम ककरवाया स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 872/1 पर अवैध रूप से ढाबा अथवा होटल संचालित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद राजस्व स्तर पर मामले की जांच की गई।
जांच में प्रशासन के अनुसार पाया गया कि शासकीय भूमि पर दारासिंह पुत्र बारेलाल परिहार निवासी रायश्री द्वारा अतिक्रमण कर ढाबा संचालित किया जा रहा था। राजस्व दल ने कार्रवाई करते हुए मौके से अतिक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त करा दिया। साथ ही होटल संचालक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण के समन्वय में राजस्व अमले द्वारा की गई कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। राजस्व रिकॉर्ड और मैदानी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाते हुए अतिक्रमण हटाया गया।

होटल परिसर में मिली अवैध शराब, आबकारी विभाग ने की जब्ती

संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने होटल परिसर की तलाशी ली। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार तलाशी में होटल परिसर में अवैध रूप से मदिरा का भंडारण पाया गया। मौके से भारी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद की गईं।

आबकारी विभाग की टीम ने बरामद मदिरा को आबकारी अधिनियम के तहत जब्त कर लिया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। होटल परिसर में अवैध शराब मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई और व्यापक हो गई।

जेसीबी, डंपर और ट्रॉली भी जब्त

कार्रवाई के दौरान खनिज और पुलिस विभाग की टीम ने भी मौके पर जांच की। प्रशासन के अनुसार अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त पाई गई एक जेसीबी, एक डंपर और एक ट्रॉली को जब्त किया गया।
जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस थाने की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा मामले की जांच और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक ही कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण, अवैध मदिरा भंडारण और खनिज से जुड़ी अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद संयुक्त दल ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की।

घरेलू गैस सिलेंडरों से चल रहा था होटल का किचन
खाद्य विभाग की टीम ने होटल के किचन का निरीक्षण किया तो यहां भी गंभीर अनियमितता सामने आने की बात प्रशासन ने कही है। जांच में पाया गया कि व्यावसायिक रूप से भोजन और चाय-नाश्ता तैयार करने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था।

टीम ने मौके से 6 घरेलू एलपीजी सिलेंडर, 2 व्यावसायिक भट्टियां और 5 किलोग्राम क्षमता का एक गैस सिलेंडर जब्त किया। होटल प्रबंधन से गैस उपयोग से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन प्रशासन के अनुसार संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

इसके बाद द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। होटल के किचन और भोजन कक्ष को अस्थायी रूप से सील करते हुए जब्त सामग्री गंगांचल गैस एजेंसी को सुपुर्द की गई।

प्रशासन की टीम ने एक साथ कसा शिकंजा

ककरवाया की कार्रवाई प्रशासन के विभागीय समन्वय का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के स्पष्ट निर्देश, एसडीएम आनंद सिंह राजावत के नेतृत्व और तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण की सक्रिय मैदानी भूमिका के बीच संयुक्त दल ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

राजस्व विभाग ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया तो आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा के मामले में कार्रवाई की। खाद्य विभाग ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई की, जबकि खनिज और पुलिस विभाग ने जेसीबी, डंपर और ट्रॉली जब्त की।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अलग-अलग विभागों से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों में संयुक्त अभियान के जरिए कार्रवाई की जा सकती है।

होटल परिसर सील, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
सामने आई गंभीर अनियमितताओं, अवैध भंडारण और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से होटल परिसर को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त चेतावनी दी है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, अवैध मदिरा भंडारण और व्यावसायिक गतिविधियों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ककरवाया में हुई इस बड़ी कार्रवाई से प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है—सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों को संरक्षण नहीं मिलेगा। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर प्रशासनिक अमला सक्रिय है और एसडीएम आनंद सिंह राजावत तथा तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण के नेतृत्व एवं समन्वय में मैदानी कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)