शिक्षक की बोतल से पानी पीना पड़ा भारी! चौथी के छात्र से मारपीट का आरोप, जातिसूचक टिप्पणी के बाद SC/ST एक्ट में FIR दर्ज

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले मासूम छात्र के साथ कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महज शिक्षक की पानी की बोतल से पानी पी लेने पर चौथी कक्षा के 8 वर्षीय छात्र को न केवल पीटा गया, बल्कि उसके साथ जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मामला लुकवासा चौकी क्षेत्र के ग्राम उकावल स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। गांव निवासी राजू जाटव ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनका 8 वर्षीय बेटा अभि जाटव विद्यालय में कक्षा चौथी का छात्र है। घटना के दिन स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चे को प्यास लगी। इसी दौरान उसने कक्षा में रखी शिक्षक लोकेश शर्मा की पानी की बोतल से पानी पी लिया।

परिजनों का आरोप है कि जैसे ही शिक्षक को इसकी जानकारी मिली, वह आगबबूला हो गए। आरोप है कि उन्होंने छात्र को डांटने के साथ उसके साथ मारपीट की और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। घटना से छात्र घबरा गया और घर पहुंचकर उसने पूरी बात अपने परिजनों को बताई। बच्चे की बात सुनकर परिवार के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के समय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रोहित जाटव और टीवाश जाटव भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने पूरी घटना देखी। पुलिस अब इन छात्रों सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोलारस पुलिस ने आरोपी शिक्षक लोकेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(ए), 115(2) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(व्हीए) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव और बच्चों के अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, स्कूल प्रशासन से जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी शिक्षक की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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