शिवपुरी में 30 फीट से गिरा मजदूर,मौत; बचाने की कोशिश में ममेरा भाई भी गिरा;टीनशेड लगाते समय हादसा

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में सोमवार को निर्माणाधीन गोदाम में टीनशेड लगाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। करीब 30 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहे 35 वर्षीय मजदूर धर्मेंद्र ओझा अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के दौरान धर्मेंद्र को बचाने की कोशिश कर रहे उनके ममेरे भाई मनीष ओझा भी करीब 15 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका उपचार शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

निर्माणाधीन गोदाम में टीनशेड लगाने का काम कर रहे थे दोनों

जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र ओझा शिवपुरी शहर की गणेश कॉलोनी के रहने वाले थे। वहीं उनके ममेरे भाई मनीष ओझा कोलारस के खटीक मोहल्ला निवासी हैं। दोनों मजदूरी का काम करते थे और सोमवार को भौंती कस्बे में रविंद्र जैन के निर्माणाधीन गोदाम पर टीनशेड लगाने के लिए पहुंचे थे।

बताया गया है कि हादसे के समय दोनों अलग-अलग ऊंचाई पर काम कर रहे थे। धर्मेंद्र करीब 30 फीट ऊपर टीनशेड लगाने का काम कर रहे थे, जबकि मनीष उनसे लगभग 15 फीट नीचे काम कर रहे थे।

अचानक बिगड़ा संतुलन, नीचे गिरने लगे धर्मेंद्र

काम के दौरान अचानक धर्मेंद्र का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाते, वह करीब 30 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने लगे। धर्मेंद्र को गिरता देखकर नीचे काम कर रहे मनीष ने उन्हें बचाने की कोशिश की।

मनीष ने अपने स्तर पर धर्मेंद्र को संभालने का प्रयास किया, लेकिन धर्मेंद्र का वजन अधिक होने के कारण वह भी अपना संतुलन नहीं बना सके। इसके बाद दोनों नीचे जमीन पर जा गिरे।

हादसे में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोट आई। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं मनीष भी करीब 15 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए।

मनीष के पैरों में आई गंभीर चोटें

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और अन्य मजदूरों ने दोनों को संभाला। मनीष को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनके पैरों में अंदरूनी चोटें आई हैं। एक्स-रे जांच में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है।

मनीष को बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। हादसे में अपने ममेरे भाई को खोने के बाद मनीष और परिवार के लोग सदमे में हैं।

परिजन ने गोदाम मालिक पर लगाए लापरवाही के आरोप

घटना के बाद मृतक धर्मेंद्र के भाई सुनील कुमार ओझा ने निर्माणाधीन गोदाम के मालिक पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुनील का कहना है कि मजदूरों से इतनी ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

परिजन का आरोप है कि यदि मजदूरों को सुरक्षा किट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते तो हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

सुनील ने यह आरोप भी लगाया कि घटना के बाद गोदाम मालिक घायलों को देखने के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

परिवार में पसरा मातम

धर्मेंद्र की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुंची, परिवार में मातम छा गया। 35 वर्षीय धर्मेंद्र परिवार के लिए मजदूरी कर जीवनयापन करते थे। अचानक हुए हादसे में उनकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं मनीष के घायल होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। एक तरफ परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया, वहीं दूसरी ओर दूसरा सदस्य अस्पताल में उपचाररत है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

हादसे की सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है। निर्माणाधीन गोदाम में काम के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, मजदूरों को किस प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस की जांच और परिजनों के आरोपों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के पीछे केवल मजदूर का संतुलन बिगड़ना कारण था या निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही भी सामने आती है।

भौंती में हुए इस हादसे ने निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सावधानियां कितनी जरूरी हैं, यह हादसा इसकी गंभीरता को सामने लाता है।

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