हाई कोर्ट के आदेश पर दिनारा में 6 फीट अतिक्रमण हटाया:मकान का हिस्सा और शटर तोड़ा

Nikk Pandit
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पूर्व विधायक कामता प्रसाद खटीक के परिवार से जुड़े संपत्ति विवाद में प्रशासन की कार्रवाई; राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी से हटाया अतिक्रमण

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के दिनारा कस्बे में शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने रेस्ट हाउस की शासकीय भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाते हुए करीब 6 फीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान एक मकान के हिस्से और एक शटर को जेसीबी की मदद से हटाया गया।

यह कार्रवाई पूर्व कोलारस विधायक कामता प्रसाद खटीक के परिवार से जुड़े संपत्ति विवाद के बीच हुई। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद के दौरान रेस्ट हाउस की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का मामला न्यायालय तक पहुंचा था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद पहुंची प्रशासनिक टीम
जानकारी के अनुसार देवेंद्र खटीक और उनके बड़े भाई के परिवार के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान शासकीय भूमि पर करीब छह फीट हिस्से के अतिक्रमण का आरोप लगाया गया था। मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय की ओर से प्रशासन को आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद शुक्रवार को प्रशासनिक अमला दिनारा कस्बे में संबंधित स्थल पर पहुंचा।

कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार लज्जाराम राजोरिया, दिनारा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह कुशवाहा सहित राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन के जरिए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

मकान का हिस्सा और शटर हटाया

प्रशासनिक टीम ने मौके पर शासकीय भूमि के हिस्से को चिन्हित करने के बाद कार्रवाई की। बताया गया कि अतिक्रमण के दायरे में आने वाले मकान के एक हिस्से और शटर को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
कार्रवाई के बाद करीब छह फीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।

प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा और न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई पूरी की।

कार्रवाई को लेकर देवेंद्र खटीक ने जताई नाराजगी
कार्रवाई के बाद देवेंद्र खटीक ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। खटीक के मुताबिक, यदि उन्हें समय दिया जाता तो वे अपने घर का सामान बाहर निकाल सकते थे।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे अपने परिवार के साथ यहां रह रहे थे और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान उन्हें सामान हटाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। कार्रवाई के बाद परिवार के सदस्यों में नाराजगी और भावुकता का माहौल देखने को मिला।

देवेंद्र खटीक ने यह भी कहा कि उन्होंने भाजपा के लिए सेवा की है, इसके बावजूद उन्हें अपने घर का सामान निकालने तक का अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठाए और प्रशासन से अपनी बात रखने की बात कही।

हालांकि, खटीक की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर प्रशासन का पक्ष अलग है।

प्रशासन बोला- हाई कोर्ट के आदेश का किया पालन
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दिनारा में की गई कार्रवाई किसी व्यक्तिगत विवाद के आधार पर नहीं, बल्कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है।

अधिकारियों के अनुसार न्यायालय के निर्देश के मुताबिक शासकीय भूमि पर मौजूद अतिक्रमण को हटाया गया है। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है और उसी के तहत राजस्व एवं पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान शासकीय भूमि की स्थिति को स्पष्ट करते हुए अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाया। कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा है मामला

पूरा मामला एक पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। देवेंद्र खटीक और उनके बड़े भाई के परिवार के बीच संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। इसी विवाद के बीच शासकीय रेस्ट हाउस की भूमि के करीब छह फीट हिस्से पर अतिक्रमण का आरोप सामने आया।

मामला न्यायालय तक पहुंचने के बाद हाई कोर्ट के आदेश के तहत प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। शुक्रवार को हुई कार्रवाई के बाद अब संबंधित शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से जहां इसे न्यायालय के निर्देशों का सीधा अनुपालन बताया जा रहा है, वहीं प्रभावित परिवार कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय नहीं दिए जाने का आरोप लगा रहा है।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

दिनारा में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों का रुख स्पष्ट है कि न्यायालय के आदेश के अनुसार शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। वहीं मामले से जुड़े पक्षों के बीच संपत्ति विवाद को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी रह सकती है।

फिलहाल शुक्रवार को हुई कार्रवाई में करीब छह फीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। कार्रवाई के दौरान मकान के हिस्से और शटर को हटाया गया। मौके पर मौजूद राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार किए जाने की बात कही है।
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