कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने की कार्रवाई, शिवपुरी समेत आसपास के 6 जिलों की सीमा से किया निष्कासित
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने दो आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने आदेश जारी करते हुए दोनों आरोपियों को छह माह की अवधि के लिए शिवपुरी जिले और उसके आसपास के छह जिलों की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, दोनों व्यक्तियों के खिलाफ लंबे समय से अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज होते रहे हैं। उनकी आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
2008 से दर्ज हैं विभिन्न मामले
जिला बदर किए गए आरोपियों में अरुण परिहार पुत्र राजपाल सिंह परिहार, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम श्रीपुर चक्क, थाना बदरवास शामिल है। प्रशासन के मुताबिक अरुण परिहार के खिलाफ वर्ष 2008 से अब तक विभिन्न धाराओं में कई प्रकरण पंजीबद्ध रहे हैं।
प्रशासन ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों को देखते हुए उसे आदतन अपराधी की श्रेणी में माना है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है और भविष्य में गंभीर घटना होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इसी आधार पर जिला प्रशासन ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जिला बदर का आदेश जारी किया है।
2021 से दर्ज हैं मामले
दूसरे आरोपी के रूप में रावसाहब लोधी पुत्र सीताराम लोधी, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम बदनपुर, थाना पिछोर को जिला बदर किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, रावसाहब लोधी के खिलाफ वर्ष 2021 से अब तक विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं। प्रशासन ने उसकी गतिविधियों को भी क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए प्रभावित करने वाला माना है।
दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने जिला बदर की कार्रवाई की है।
शिवपुरी समेत 7 जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा
जिला बदर आदेश के तहत दोनों आरोपियों को केवल शिवपुरी जिले से ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों की सीमा से भी बाहर रहना होगा। आदेश के अनुसार उन्हें शिवपुरी, ग्वालियर, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, दतिया और गुना जिले की सीमा से छह माह की अवधि के लिए बाहर रहना होगा।
इस दौरान दोनों आरोपियों को निर्धारित जिलों की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हर महीने देनी होगी निवास की जानकारी
जिला बदर की अवधि के दौरान आरोपियों को जहां भी रहना होगा, उसकी लिखित सूचना संबंधित थाने को देना अनिवार्य होगा। आदेश के अनुसार, दोनों आरोपियों को अपने निवास स्थान की जानकारी हर महीने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से संबंधित थाना प्रभारी को भेजनी होगी।
संबंधित थाना प्रभारी इस जानकारी का रिकॉर्ड भी संधारित करेंगे। इस व्यवस्था के जरिए प्रशासन और पुलिस दोनों आरोपियों की गतिविधियों और उनके निवास स्थान पर निगरानी रख सकेंगे।
कोर्ट की पेशी के लिए मिल सकती है अनुमति
जिला बदर आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दोनों आरोपियों के खिलाफ शिवपुरी या आसपास के जिलों के किसी न्यायालय में कोई मामला पहले से विचाराधीन है, तो वे न्यायालय में अपनी पेशी के लिए निर्धारित दिन संबंधित जिले में आ-जा सकते हैं।
हालांकि इसके लिए उन्हें पहले संबंधित थाना प्रभारी और संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को सूचना देना अनिवार्य होगा। यानी न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल होने के लिए आने से पहले पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी देना जरूरी रहेगा।
कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को जिले में आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे लोगों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, जिनके खिलाफ लगातार आपराधिक मामले दर्ज होते रहे हैं और जिनसे क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के बाद अब दोनों आरोपियों को छह माह तक निर्धारित जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा। आदेश की अवधि के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा उनके संबंध में आवश्यक निगरानी रखी जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर की कार्रवाई कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। दोनों आरोपियों को आदेश में निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।