शिवपुरी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमराई:तिरंगा-झाड़ू लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी:दूसरे निकायों से कर्मचारी बुलाने पर भड़का आक्रोश

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर शिवपुरी नगर पालिका में चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने तिरंगा और झाड़ू हाथों में लेकर शहर में रैली निकाली। कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

एक ओर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने व्यवस्था को संभालने के लिए जिले की अन्य नगर परिषदों से सफाई कर्मचारी और कचरा वाहन शिवपुरी बुलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस कदम से हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया है।

11 मांगों को लेकर सड़क पर उतरे सफाई कर्मचारी
सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने हड़ताल स्थल से रैली निकाली। हाथों में तिरंगा और झाड़ू लेकर कर्मचारी शहर की सड़कों पर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर प्रशासन के साथ बातचीत हुई है, लेकिन अभी तक सभी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक शेष मांगों पर भी सहमति नहीं बनती, तब तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।

रैली के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
8 मांगों पर सहमति, 3 पर अब भी फंसा मामला
नगर पालिका प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की 11 में से 8 मांगों पर सहमति जताई जा चुकी है। हालांकि तीन मांगों को लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है। यही वजह है कि कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।

कर्मचारियों का कहना है कि जब उनकी अधिकांश मांगों पर बातचीत के बाद सहमति बन चुकी है तो बाकी मांगों पर भी गंभीरता से चर्चा कर समाधान निकाला जाना चाहिए। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पूरी तरह संतुष्ट किए बिना हड़ताल समाप्त करने का दबाव बनाया जा रहा है।

दूसरी नगर परिषदों से बुलाए जाएंगे 10-10 कर्मचारी
हड़ताल के चलते शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। जिला शहरी विकास अभिकरण ने जिले की अन्य नगर परिषदों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार प्रत्येक नगर परिषद से एक कचरा वाहन और 10 सफाई कर्मचारियों को तत्काल शिवपुरी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इन कर्मचारियों के जरिए शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।

प्रशासन की इस व्यवस्था से हड़ताल के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जगह दूसरे नगर निकायों के कर्मचारियों को बुलाकर हड़ताल को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

झाड़ू, तसला और फावड़ा भी साथ लाने के निर्देश
जारी आदेश में केवल कर्मचारियों और कचरा वाहनों को भेजने की बात नहीं कही गई है, बल्कि उनके साथ आवश्यक सफाई उपकरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर परिषदों से आने वाले कर्मचारियों को झाड़ू, तसला, फावड़ा सहित जरूरी सफाई सामग्री साथ लाने के लिए कहा गया है। कर्मचारियों और कचरा वाहनों को आवश्यक सामग्री के साथ नगर पालिका परिषद शिवपुरी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य हड़ताल के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को किसी तरह बनाए रखना है। हालांकि प्रशासन के इस फैसले ने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की नाराजगी को और हवा दे दी है।

कर्मचारी नेता बोले- दबाव बनाया तो आंदोलन जिलेभर में फैलाएंगे

सफाई कर्मचारी नेता मनोज लाहोरी ने प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिले की अन्य नगर परिषदों से सफाई कर्मचारियों को शिवपुरी बुलाने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश का पालन नहीं करने पर कर्मचारियों को हटाने तक की चेतावनी दी जा रही है।

मनोज लाहोरी ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में उन पर दबाव बनाने के बजाय प्रशासन को बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों पर किसी भी तरह का दबाव बनाया गया तो आंदोलन को केवल शिवपुरी शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा असर

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। नियमित रूप से होने वाली सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई स्थानों पर कचरा जमा होने की स्थिति बन रही है।

एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन के सामने शहर को साफ रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन ने इसी वजह से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दूसरे नगर निकायों से कर्मचारी और वाहन बुलाने का फैसला किया है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेश स्तर तक जाएगा आंदोलन
कर्मचारी नेता मनोज लाहोरी ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि शेष मांगों पर जल्द सहमति नहीं बनी और कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश जारी रही, तो आंदोलन को पूरे जिले में फैलाया जाएगा।

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर सफाई कर्मचारियों का आंदोलन प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समाधान के लिए बातचीत के पक्ष में हैं, लेकिन केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार

फिलहाल शिवपुरी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और प्रशासन की वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए दूसरे निकायों से कर्मचारियों को बुला रहा है, जबकि आंदोलनकारी कर्मचारी इसे अपने आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि 11 सूत्रीय मांगों में से शेष मांगों पर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच कब सहमति बनती है और हड़ताल कब समाप्त होती है। फिलहाल कर्मचारी सड़क पर हैं, प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था में जुटा है और शिवपुरी शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है।
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