खबर:शिवपुरी जिले के बैसोरा गांव निवासी और लोधी युवा संघ के जिलाध्यक्ष बताए जा रहे आजाद लोधी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक ऑडियो को लेकर विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारी और सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आजाद लोधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने आरोप लगाया कि वायरल हुए कथित ऑडियो में महिलाओं, माताओं-बहनों और एक समाज विशेष के प्रति अशोभनीय एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। संगठन का कहना है कि इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती है। इसी को लेकर संगठन ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
वायरल ऑडियो के बाद गरमाया मामला
दरअसल, 25 अगस्त को आजाद लोधी से जुड़े बताए जा रहे दो कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन ऑडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
बताया गया कि एक कथित ऑडियो में राशन दुकान के संचालक से मुफ्त राशन को लेकर बातचीत के दौरान गाली-गलौज किए जाने के आरोप हैं। वहीं दूसरे कथित ऑडियो को लेकर आरोप लगाया गया कि उसमें ब्राह्मण समाज की महिलाओं के प्रति अशोभनीय टिप्पणी की गई।
ऑडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का विषय बन गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों मामलों में FIR दर्ज की।
हालांकि वायरल ऑडियो की वास्तविकता, उसमें मौजूद आवाज और बातचीत के पूरे संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
SP कार्यालय पहुंचा संगठन, सौंपा ज्ञापन
गुरुवार को राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारी SP कार्यालय पहुंचे। संगठन ने पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा कि महिलाओं और समाज विशेष के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संगठन का आरोप है कि ऐसी भाषा समाज में आक्रोश पैदा कर सकती है और इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका है। पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से मामले में सख्त और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के सदस्यों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को महिलाओं अथवा किसी समाज के प्रति अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की छूट नहीं दी जा सकती।
रासुका लगाने की उठी मांग
ज्ञापन में संगठन ने आजाद लोधी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाए जाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मामले को केवल सामान्य विवाद मानकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि कथित टिप्पणियों के सामाजिक प्रभाव को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
संगठन के प्रभारी ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन में सर्वसमाज के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
इस घोषणा के बाद मामला और गरमाने की संभावना है।
तीन थानों में FIR होने का पुलिस का दावा
मामले में करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई का कहना है कि आजाद लोधी के खिलाफ तीन थानों में FIR दर्ज है। पुलिस के अनुसार, मामलों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले में उपलब्ध तथ्यों, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
आरोपों की जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
वायरल ऑडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ऑडियो में कही गई बातें किस संदर्भ में कही गईं और उनकी प्रमाणिकता क्या है।
पुलिस के सामने ऑडियो की तकनीकी जांच, संबंधित लोगों के बयान और शिकायतों से जुड़े तथ्यों को सामने रखना महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संगठन ने सामाजिक सौहार्द का मुद्दा उठाया
राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने अपने ज्ञापन में केवल कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की, बल्कि सामाजिक सौहार्द का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक रूप से किसी समाज या महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल होने से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष साबित होने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, पुलिस की ओर से फिलहाल जांच जारी होने की बात कही गई है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस जांच के अगले कदम पर है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के बाद संगठन ने स्पष्ट कर दिया कि यदि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। संगठन के प्रभारी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सर्वसमाज के लोगों को साथ लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
इस चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने एक ओर मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए भी सतर्कता जरूरी होगी।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल आजाद लोधी से जुड़े कथित वायरल ऑडियो का मामला पुलिस जांच के दायरे में है। दो मामलों में FIR दर्ज होने और तीन थानों में प्रकरण दर्ज होने की पुलिस की जानकारी के बीच संगठन द्वारा रासुका की मांग ने मामले को और चर्चित कर दिया है।
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और उसके आधार पर आजाद लोधी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाया जाता है।
फिलहाल मामला आरोपों और जांच के बीच है। संगठन सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ा है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Shivpuri First — वायरल ऑडियो विवाद पर हमारी नजर, हर अपडेट सबसे पहले।