शिवपुरी में बारिश से नदी-नाले उफान पर:पहली बार पूरे वेग से बहा पवा झरना

Nikk Pandit
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खबर शिवपुरी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले और जलस्रोत उफान पर आ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग तेज बहाव के बीच से वाहन निकालकर रपट पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

इसी बीच कोलारस और पोहरी तहसील के बीच स्थित प्रसिद्ध पवा झरना भी इस मानसून सीजन में पहली बार पूरे वेग से बहने लगा है। करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरते झरने का मनमोहक नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। झरने के आसपास हरियाली और पानी का तेज बहाव लोगों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन इसी के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

बारिश के बाद उफान पर नदी-नाले

शिवपुरी जिले में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-बड़े नालों और रपटों के ऊपर से पानी बहने लगा है। कुछ स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि सड़क और रपट का अंतर तक दिखाई देना मुश्किल हो रहा है।

इसके बावजूद कई लोग जरूरी काम से रास्ता पार करने के दौरान बहते पानी के बीच वाहन निकाल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में ऐसे दृश्य लगातार सामने आ रहे हैं। तेज बहाव के बीच वाहन का संतुलन बिगड़ने या अचानक पानी का स्तर बढ़ने पर लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से भी लगातार यह सलाह दी जाती है कि पानी के ऊपर से बह रही रपट को पार करने की कोशिश न करें। कुछ मिनट बचाने के लिए उठाया गया जोखिम जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।

पहली बार पूरे वेग से बहा पवा झरना

लगातार बारिश का असर पवा झरने पर भी दिखाई देने लगा है। कोलारस-पोहरी तहसील के बीच स्थित पवा झरना इस सीजन में पहली बार अपने पूरे वेग के साथ बहता नजर आया।

करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा है। झरने के आसपास हरियाली और पहाड़ियों के बीच गिरता पानी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बारिश के मौसम में पवा झरना स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

झरने के पूरे वेग से बहने की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसका नजारा देखने के लिए पहुंच रहे हैं। लोग झरने की तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे हैं।

झरनों और नदी किनारे बढ़ी भीड़

बारिश के बाद जिले के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। पवा झरने के अलावा नदी, नालों और अन्य जलस्रोतों के आसपास भी लोग पहुंच रहे हैं।

हालांकि, बारिश के मौसम में इन स्थानों पर खतरा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में ऊपर हुई बारिश का पानी अचानक नीचे आने से जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।

ऐसे में झरने के किनारे खड़े होकर फोटो या वीडियो बनाने, पानी के बेहद करीब जाने अथवा नदी में उतरने से बचना जरूरी है।

नदी में नहाने के दौरान 22 वर्षीय युवक की मौत

बारिश के बीच जलस्रोतों पर बढ़ते खतरे का अंदाजा मंगलवार को हुए एक दर्दनाक हादसे से भी लगाया जा सकता है। तेंदुआ थाना क्षेत्र में नदी में नहाने के दौरान 22 वर्षीय युवक छोटू जाटव की डूबने से मौत हो गई थी।

श्योपुर जिले के गसमानी थाना क्षेत्र के सहसराम गांव निवासी छोटू अपनी ससुराल कड़ेशरा गांव आया हुआ था। मंगलवार को वह अपने साडू के गांव ख्यावदा में आयोजित कांवड़ कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के बाद वह अपने साले और साडू के साथ बाइक से वापस लौट रहा था।

केनवाया गांव के पास तीनों नदी में नहाने के लिए रुक गए। नहाते समय छोटू नदी के बीच गहरे पानी में चला गया। पानी के अंदर गहरे गड्ढे में जाने के कारण वह डूबने लगा। उसके साथ मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलने के बाद तेंदुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया और मामले की जांच शुरू की।

CEO विजय राज ने की सावधानी बरतने की अपील

लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

उन्होंने लोगों से जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा पानी भरी रपटों और रास्तों को पार करने के लिए जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मार्ग पर पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है तो उस रास्ते से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना सुरक्षित है।

उन्होंने नदी, नाले, रपट और झरनों के पास विशेष सतर्कता बरतने तथा तेज बहाव वाले पानी में नहीं उतरने की अपील की है।

कुछ मिनट का जोखिम पड़ सकता है भारी

बारिश के मौसम में नदी-नालों और रपटों का जलस्तर कभी भी तेजी से बढ़ सकता है। ऊपर से सामान्य दिखाई देने वाला पानी भी अंदर से बेहद तेज बहाव वाला हो सकता है। ऐसे में दोपहिया या चारपहिया वाहन से रपट पार करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

प्रशासन की अपील के बावजूद यदि लोग तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का प्रयास करते हैं तो दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पवा झरने जैसे पर्यटन स्थलों पर भी लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की जरूरत है।

फिलहाल जिले में बारिश का दौर जारी है और नदी-नालों में पानी बढ़ने के कारण कई स्थानों पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलस्रोतों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

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