खबर:शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के चंदोरिया गांव में सरकारी राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो महीने से उचित मूल्य की दुकान से राशन नहीं मिला है। राशन नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण बड़ी संख्या में दुकान पर पहुंचे और सेल्समैन को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख पहले पटवारी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन ग्रामीण शांत नहीं हुए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सेल्समैन को अपने साथ थाने ले गई।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी के साथ-साथ परिवार का पेट पालने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे इस मामले को लेकर पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिकायत के बाद भी नहीं मिला राशन
ग्रामीणों के मुताबिक 8 अगस्त को भी वे अपनी समस्या लेकर कोलारस एसडीएम की जनसुनवाई में पहुंचे थे। वहां ग्रामीणों ने राशन वितरण में हो रही परेशानी की शिकायत अधिकारियों के सामने रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय राशन दुकान के सेल्समैन यशपाल यादव ने तीन दिन के भीतर राशन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही राशन का वितरण शुरू हो जाएगा, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी राशन नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया और गुरुवार को उन्होंने राशन दुकान पर पहुंचकर सेल्समैन का घेराव कर दिया।
अंगूठे लगवाए, फिर भी नहीं दिया राशन
ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जुलाई महीने में सेल्समैन ने केवाईसी सहित अन्य प्रक्रिया के नाम पर कई ग्रामीणों के अंगूठे लगवाए थे। ग्रामीणों के मुताबिक अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें जुलाई महीने का राशन नहीं दिया गया।
अब अगस्त महीना भी समाप्ति की ओर है, लेकिन ग्रामीणों को अभी तक राशन नहीं मिल पाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कराई गई थी तो इसके बाद राशन वितरण क्यों नहीं किया गया, इसकी जांच की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि राशन गरीब परिवारों के लिए बेहद जरूरी है। दो महीने तक राशन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
पहले पटवारी को बुलाया, फिर पहुंची पुलिस
गुरुवार को जब ग्रामीणों ने सेल्समैन को घेर लिया तो मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। मामले की जानकारी मिलने पर पटवारी को मौके पर बुलाया गया। पटवारी ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सेल्समैन को ग्रामीणों के बीच से निकालकर अपने साथ थाने ले गई। पुलिस की मौजूदगी के बाद मौके की स्थिति शांत हुई और ग्रामीण वहां से हटे।
हालांकि पुलिस द्वारा सेल्समैन को बाद में थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस ने ग्रामीणों को मामले में उचित कार्रवाई के लिए एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि वे राशन वितरण में कथित अनियमितता की शिकायत प्रशासन से करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि राशन वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ग्रामीण यह भी चाहते हैं कि पात्र परिवारों को लंबित राशन जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आगे परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि राशन दुकान पर वितरण की व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए और हितग्राहियों को समय पर उनका हक मिलना चाहिए।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
फिलहाल इस पूरे मामले में ग्रामीणों के आरोप और राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े वास्तविक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह भी जांच का विषय है कि जुलाई में जिन हितग्राहियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कराई गई, उन्हें राशन क्यों नहीं मिला और अगस्त माह का वितरण किस स्थिति में है।
घटना ने गांव की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि शिकायत के बाद जांच होती है तो राशन वितरण से जुड़े रिकॉर्ड, हितग्राहियों की बायोमेट्रिक जानकारी और स्टॉक की स्थिति की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे मामले को लेकर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे और मांग करेंगे कि उन्हें लंबित राशन दिलाने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।