खबर:शिवपुरी जिले में शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सोमवार को पोहरी विकासखंड और बैराड़ तहसील क्षेत्र का सघन मैदानी दौरा किया। कलेक्टर ने इस दौरान बिना पूर्व सूचना के विभिन्न शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों और तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल अधिकारियों से जानकारी लेने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखी। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की पढ़ाई, मध्याह्न भोजन, परिसर की साफ-सफाई, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
इस दौरान एसडीएम श्री जेपी गुप्ता, जनपद पंचायत सीईओ श्री ऑफिसर सिंह गुर्जर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भौराना में मिड-डे मील पर कलेक्टर नाराज
कलेक्टर श्री वर्मा ने ग्राम भौराना स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की कक्षाओं, परिसर, शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित समूह को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पंचायत सचिव को स्कूल परिसर के दुरुस्तीकरण, बाउंड्रीवॉल के निर्माण एवं मरम्मत, भवन सुधार, पेंटिंग और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने भौराना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने और पौधारोपण के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजी, टीकाकरण रिकॉर्ड, दवाओं के वितरण और स्टॉक की भी जांच की तथा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैराड़ तहसील कार्यालय में लंबित मामलों की समीक्षा
कलेक्टर श्री वर्मा बैराड़ तहसील कार्यालय पहुंचे और वहां राजस्व संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने आरसीएमएस पंजी, नामांतरण, सीमांकन और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए। तहसील परिसर में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और शिफ्ट के अनुसार सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। कार्यालय के सामने वाहनों की पार्किंग को भी व्यवस्थित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग आवेदक ने अपनी समस्या कलेक्टर के सामने रखी। शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले संबंधित पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही रीडर को शिवपुरी अटैच करने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से किया सीधा संवाद
कलेक्टर ने बैराड़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर, दवाओं के स्टॉक, आपातकालीन कक्ष और ड्रेसिंग कक्ष की व्यवस्थाओं को देखा।
उन्होंने गर्भावस्था-पूर्व टीकाकरण कक्ष, नवजात शिशु वार्ड और पीएनसी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान पोहरी क्षेत्र में बंद पड़ी एक्स-रे मशीन का मुद्दा सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल सीएमएचओ को मशीन ठीक कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय एसडीएम और तहसीलदार को नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण कर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
गाजीगढ़ में बंद मिली आंगनवाड़ी, कार्यकर्ता पर कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने ग्राम गाजीगढ़ में भी विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया। यहां आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित कार्यकर्ता को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति पंजी और विद्यार्थियों के पढ़ाई के स्तर की जानकारी ली गई।
विद्यालय परिसर की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने बच्चों की सुविधा के लिए खेल मैदान तैयार कराने, बाउंड्रीवॉल का निर्माण और परिसर के दुरुस्तीकरण के कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश जनपद सीईओ को दिए।
धौरिया में गंदगी और खराब शौचालय देखकर जताई नाराजगी
ग्राम धौरिया में कलेक्टर ने शासकीय एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और उनके पठन-पाठन के स्तर को परखा। शिक्षकों की उपस्थिति पंजी तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी देखी।
स्कूल परिसर में गंदगी और शौचालयों की खराब स्थिति मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
गांव में फार्मर रजिस्ट्री का काम अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर भी उन्होंने असंतोष जताया और इसे शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए गांव में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
गिरवानी, जौराई और ठेंवला में भी स्कूलों की जांच
कलेक्टर ने जनजातीय मजरा गिरवानी, जौराई और ठेंवला के शासकीय विद्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था और मध्याह्न भोजन की स्थिति का जायजा लिया।
ग्राम ठेंवला में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधी चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और एसडीएम तथा जनपद सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मैदानी निरीक्षण लगातार जारी रखने के निर्देश
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर शासकीय संस्थानों की वास्तविक स्थिति देखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आमजन को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका तत्काल समाधान कराया जाए। आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर के इस सघन मैदानी निरीक्षण से साफ है कि प्रशासन अब शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर गंभीर है और लापरवाही सामने आने पर मौके पर ही जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।