खबर:शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर-1 के बछोरा क्षेत्र में करीब डेढ़ किलोमीटर से अधिक लंबी कच्ची सड़क बारिश के मौसम में स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी भरने से रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें बारिश के दिनों में कई बार जूते उतारकर कीचड़ और पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क लंबे समय से खराब है, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ।
मंदिर और स्कूल जाने का मुख्य रास्ता, बारिश में हालात बदतर
स्थानीय लोगों के अनुसार बछोरा क्षेत्र की यह सड़क मंदिर और स्कूलों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। यह क्षेत्र नगर पालिका शिवपुरी की सीमा में आता है। सामान्य दिनों में जहां लोग किसी तरह इस कच्चे रास्ते से आवागमन कर लेते हैं, वहीं बारिश शुरू होते ही सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। जगह-जगह पानी जमा होने और कीचड़ फैलने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों को होती है, जो रोजाना इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। सड़क पर पानी और कीचड़ होने के कारण बच्चे जूते पहनकर निकल नहीं पाते। उन्हें रास्ते में जूते उतारकर कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ता है और आगे जाकर दोबारा जूते पहनने पड़ते हैं।
15 मिनट पहले घर से निकलती है छात्रा
एक छात्रा ने बताया कि वह रोज इसी रास्ते से स्कूल जाती है। बारिश के दौरान सड़क खराब होने के कारण उसे सामान्य दिनों की तुलना में करीब 15 मिनट पहले घर से निकलना पड़ता है। रास्ते में कीचड़ और पानी के कारण पैदल चलने की गति धीमी हो जाती है। बच्चों के कपड़े और जूते भी खराब हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत केवल बारिश के दिनों में ही नहीं, बल्कि लंबे समय से खराब बनी हुई है। बारिश आने के बाद समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ बुजुर्गों, महिलाओं और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई साल से सड़क खराब, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
क्षेत्र की निवासी भभूति ने बताया कि यह सड़क कई वर्षों से खराब है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में यहां हालात बेहद खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों और स्थानीय रहवासियों द्वारा कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक सड़क का स्थायी निर्माण नहीं हो सका।
स्थानीय निवासी शंकर कुशवाह ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी आवेदन दिया गया है। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर भी इस समस्या को लेकर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। रहवासियों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
पार्षद बोले- मुख्य सड़क बन चुकी, समय आने पर इस रास्ते का भी होगा निर्माण
वहीं वार्ड नंबर-1 के पार्षद अमरदीप शर्मा ने सड़क निर्माण को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह रास्ता खेतों के बीच से होकर गुजरता है और यहां आबादी भी ज्यादा नहीं है। उनके अनुसार मुख्य सड़क का निर्माण हो चुका है।
पार्षद ने कहा कि सही समय आने पर इस रास्ते का भी निर्माण कराया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है, क्योंकि कच्ची सड़क पर कीचड़ और पानी भरने से रोजाना आवागमन प्रभावित हो रहा है।
सवाल यह कि कब खत्म होगी डेढ़ किमी सड़क की परेशानी?
बछोरा क्षेत्र की यह कच्ची सड़क फिलहाल स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। एक तरफ रहवासी कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बारिश शुरू होते ही समस्या और गंभीर हो जाती है। बच्चों का जूते उतारकर स्कूल जाना इस समस्या की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाता है।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस सड़क के स्थायी निर्माण के लिए कब कदम उठाते हैं। फिलहाल क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर जल्द कार्रवाई होगी और बारिश के मौसम में कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने की मजबूरी खत्म होगी।
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