NH-46 पर फिर गौवंश की मौत:3 गायों को भारी वाहन ने कुचला, 2 घायल

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी जिले में एनएच-46 पर गौवंश की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों के बीच एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया है। बदरवास थाना क्षेत्र के सुमेला गांव के पास गुरुवार रात एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर मौजूद पांच गौवंश को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गायें घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल गौवंश को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

हादसे के बाद एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि गौशाला होने के बावजूद गौवंश सड़क तक कैसे पहुंच रहा है। सुमेला गांव में गौशाला मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में गौवंश एनएच-46 पर नजर आता है। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर सड़क पर बैठे पशु कभी खुद हादसे का शिकार हो रहे हैं तो कभी उन्हें बचाने के प्रयास में वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

एनएच-46 पर गौवंश से जुड़े हादसों का सिलसिला नया नहीं है। 31 जुलाई को देहात थाना क्षेत्र में जियो पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर बैठे सात गौवंश को कुचल दिया था। हादसे में सभी सात गायों की मौत हो गई थी।

इसके अगले ही दिन, 1 अगस्त को कोलारस थाना क्षेत्र में खाटू श्याम होटल के पास एक तेज रफ्तार ट्रक सड़क पर आए गौवंश को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया था। दुर्घटना में एक व्यक्ति को मामूली चोट आई थी।

सुमेला क्षेत्र में भी पहले एक बछड़ा अज्ञात वाहन की चपेट में आकर मारा जा चुका है, जबकि उसकी मां गाय घायल हुई थी। लगातार सामने आ रही घटनाएं बताती हैं कि इस मार्ग पर गौवंश और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा गंभीर चुनौती बनी हुई है।

बारिश में सड़क पर बैठता है गौवंश

बारिश के मौसम में सड़क किनारे कीचड़ और पानी भरने के कारण गौवंश अक्सर सूखी जगह की तलाश में सड़कों पर आ जाता है। इसके अलावा मक्खियों और कीड़ों से बचने के लिए भी पशु सड़क पर बैठते हैं। रात के समय तेज रफ्तार भारी वाहनों के बीच इन्हें देख पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।

कलेक्टर के आदेश के बावजूद सवाल

गौवंश को सड़क हादसों से बचाने के लिए कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद एनएच-46 पर लगातार गौवंश की मौत और दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आदेशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हो रहा है।

सुमेला जैसे क्षेत्रों में गौशाला होने के बावजूद यदि गौवंश हाईवे तक पहुंच रहा है तो पशुओं की निगरानी, गौशाला प्रबंधन और हाईवे से उन्हें हटाने की व्यवस्था पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। प्रशासन को हादसे वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि गौवंश के साथ-साथ वाहन चालकों और यात्रियों की जान भी सुरक्षित रह सके।

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