शिवपुरी में मिलाद जुलूस की कथित रील पर विवाद:PM मोदी समेत हिंदू संगठनों को धमकी देने का आरोप:FIR के बाद युवक गिरफ्तार

Nikk Pandit
0
खबर:शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर में मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान बनाई गई एक कथित सोशल मीडिया रील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि रील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हिंदू संगठनों के खिलाफ आपत्तिजनक एवं धमकी भरी टिप्पणी की गई। शिकायत के बाद रन्नौद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित युवक के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की कथित आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार होने से धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ-साथ क्षेत्र के सांप्रदायिक सौहार्द पर भी असर पड़ सकता है। वहीं पुलिस ने मामले को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधाज्ञा के उल्लंघन से जोड़ते हुए कार्रवाई की है।

26 अगस्त को निकला था मिलाद-उन-नबी का जुलूस
बताया गया कि 26 अगस्त को ग्राम मोहम्मदपुर में मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकाला गया था। इसी जुलूस के दौरान डीजे के सामने एक युवक द्वारा कथित तौर पर वीडियो रील बनाई गई। बाद में यह रील सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी।

विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव और बजरंग दल के प्रखंड संयोजक राघवेन्द्र दुबे ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि वायरल रील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल सहित हिंदू संगठनों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पहुंचा मामला पुलिस तक

शिकायत के मुताबिक, जुलूस के दौरान बनाए गए कथित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। रील सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और विहिप एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने पुलिस से शिकायत की।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान इस तरह की कथित आपत्तिजनक सामग्री सामने आने से विवाद बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की कि वीडियो की सत्यता और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मामले से जुड़ी कथित वीडियो रील की पेनड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई, ताकि पुलिस उसके आधार पर जांच आगे बढ़ा सके।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद रन्नौद थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी द्वारा 20 अगस्त 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेश के उल्लंघन से संबंधित पाया गया।

इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया। FIR दर्ज करने के बाद पुलिस ने संबंधित युवक को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि मामले में कथित रील की पूरी परिस्थितियों, उसे किसने बनाया, किसने सोशल मीडिया पर अपलोड किया और उसे कितने लोगों तक प्रसारित किया गया, इन सभी बिंदुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस खंगाल रही वीडियो की पूरी कड़ी

मामले में पुलिस केवल वायरल रील तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वीडियो की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो वास्तव में कब और किस स्थान पर बनाया गया था, उसे किस अकाउंट से सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया तथा उसके प्रसार में किन लोगों की भूमिका रही।

इसके साथ ही पुलिस कथित वीडियो में कही गई बातों की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान वीडियो की वास्तविकता, उसमें मौजूद व्यक्ति और वीडियो के प्रसारण से संबंधित तकनीकी जानकारी को भी देखा जा सकता है।

सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर

घटना के बाद पुलिस के सामने क्षेत्र में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना भी महत्वपूर्ण चुनौती है। धार्मिक आयोजनों और सोशल मीडिया से जुड़े मामलों में छोटी सी पोस्ट या वीडियो भी तेजी से फैल सकती है और उससे विवाद की स्थिति बन सकती है।

विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी भी समुदाय या संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित रील में वास्तव में क्या कहा गया था, वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर किस तरह प्रसारित किया गया।

रन्नौद के मोहम्मदपुर में मिलाद जुलूस से जुड़ी कथित रील को लेकर उठे विवाद ने सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच के जरिए यह सामने आएगा कि वायरल वीडियो के पीछे वास्तविकता क्या थी और कथित आपत्तिजनक सामग्री के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल आरोपी पुलिस गिरफ्त में है और मामले की विवेचना जारी है।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)