खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक मंगलवार की जनसुनवाई इस बार केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रही, बल्कि जरूरतमंदों के लिए तत्काल राहत और संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर भी सामने आई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने जनसुनवाई में पहुंचे सैकड़ों आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित कार्रवाई कराई।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री वर्मा का फोकस केवल आवेदन लेने तक नहीं रहा, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की वास्तविक समस्या समझकर उसे तत्काल राहत दिलाने पर दिखाई दिया। इसी क्रम में दिव्यांग उम्मेद सेन को रेड क्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर जनसुनवाई में ही चेक सौंपा गया। वहीं चलने-फिरने और सुनने में परेशानी से जूझ रहे बुजुर्ग सूरज प्रकाश गुप्ता को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
बीमारी ने छीना काम, कलेक्टर ने बढ़ाया मदद का हाथ
जनसुनवाई में ग्राम लालगढ़ निवासी दिव्यांग उम्मेद सेन पुत्र स्वर्गीय बाबू सेन अपनी परेशानी लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि वे पहले अपना पारंपरिक काम करके परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन पिछले करीब 4-5 महीनों से बीमारी के कारण काम करने में असमर्थ हैं।
बीमारी और आर्थिक परेशानी के चलते उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
आवेदन सुनने के बाद कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने उम्मेद सेन की स्थिति को गंभीरता से लिया और तत्काल रेड क्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई। इतना ही नहीं, सहायता की प्रक्रिया को लंबा खींचने के बजाय जनसुनवाई के दौरान ही उम्मेद सेन को 10 हजार रुपए का चेक सौंप दिया गया।
मदद मिलने के बाद उम्मेद सेन के लिए यह राहत का बड़ा क्षण रहा। प्रशासनिक व्यवस्था में अक्सर किसी सहायता के लिए लोगों को कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन यहां जरूरतमंद को जनसुनवाई के मंच पर ही आर्थिक सहायता मिलना संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बना।
बुजुर्ग की परेशानी पर भी तुरंत हुआ एक्शन
जनसुनवाई में पुराना बस स्टैंड निवासी बुजुर्ग सूरज प्रकाश गुप्ता भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें चलने-फिरने के साथ-साथ सुनने में भी परेशानी हो रही थी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने बुजुर्ग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए।
बुजुर्ग सूरज प्रकाश गुप्ता को जनसुनवाई में ही हियरिंग एड, नी ब्रेस, एल.एस. बेल्ट और छड़ी प्रदान की गई। इससे उनके लिए रोजमर्रा की गतिविधियों में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
आवेदन से आगे बढ़कर समाधान पर जोर
कलेक्टर अर्पित वर्मा की जनसुनवाई की खास बात यह रही कि उन्होंने अधिकारियों को केवल आवेदन लेने तक सीमित रहने के बजाय समस्या के वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर दिया।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने आवेदकों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समस्या का वास्तविक निराकरण होना चाहिए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश—समय-सीमा में हो समाधान
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए। किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि लोगों को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना है
जनसुनवाई बनी उम्मीद का मंगा
शिवपुरी में आयोजित यह जनसुनवाई उन लोगों के लिए उम्मीद का मंच बनी, जो अपनी समस्याओं के समाधान की आस लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। दिव्यांग उम्मेद सेन को आर्थिक सहायता और बुजुर्ग सूरज प्रकाश को सहायक उपकरण मिलना इस बात का उदाहरण रहा कि संवेदनशीलता के साथ प्रशासनिक प्रक्रिया को गति दी जाए तो जरूरतमंद व्यक्ति को तत्काल राहत मिल सकती है।
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा की ओर से मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराने की पहल ने जनसुनवाई को एक मानवीय पहलू भी दिया। एक तरफ सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनी गईं, तो दूसरी तरफ जरूरतमंदों को मौके पर राहत भी मिली।
फिलहाल जनसुनवाई में हुई इन त्वरित कार्रवाइयों की चर्चा बनी हुई है। उम्मीद यही है कि जिन अन्य आवेदकों की समस्याएं अधिकारियों को सौंपी गई हैं, उनका भी इसी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।
क्योंकि जनसुनवाई की असली सफलता आवेदन लेने में नहीं, बल्कि उस आवेदन से किसी जरूरतमंद के जीवन में राहत पहुंचाने में है—और मंगलवार की जनसुनवाई में इसकी तस्वीर साफ दिखाई दी।