दो महीने राशन नहीं मिला तो सड़क पर उतरे ग्रामीण, चक्काजाम: तहसीलदार ने मौके पर शुरू कराया वितरण; 11 दुकानों से ₹25.80 लाख वसूलने के आदेश

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर शिवपुरी:शिवपुरी जिले में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। पिछोर अनुविभाग के चरखऊ गांव में दो महीने से राशन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण शनिवार को सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि राशन दुकान के सेल्समैन ने उनका अंगूठा लगवा लिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दो महीने का राशन नहीं दिया गया। राशन के लिए परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही खोड़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी। प्रशासन की ओर से तत्काल राशन वितरण शुरू कराए जाने के बाद ग्रामीण सड़क से हटने के लिए तैयार हुए और चक्काजाम समाप्त हो गया।

इधर, जिले के कोलारस अनुविभाग में 11 सरकारी राशन दुकानों पर कम वितरण पाए जाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इन दुकानों से संबंधित प्रबंधकों, विक्रेताओं और सह-विक्रेताओं से कुल 25 लाख 80 हजार 225 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।

अंगूठा लगवाया, फिर भी दो महीने नहीं मिला राशन
चरखऊ गांव के ग्रामीणों का कहना है कि राशन दुकान पर उनसे वितरण प्रक्रिया के तहत अंगूठा लगवाया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। लगातार दो महीने तक राशन नहीं मिलने से परिवारों के सामने खाद्यान्न की समस्या खड़ी हो गई।

ग्रामीणों ने कई बार राशन मिलने का इंतजार किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आखिरकार शनिवार को उनका आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और रास्ता रोककर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।

ग्रामीणों का कहना था कि जब सरकारी रिकॉर्ड में राशन वितरण के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है तो उन्हें वास्तविक रूप से राशन क्यों नहीं मिल रहा है। इसी सवाल को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राशन दिलाने की मांग की।

पुलिस पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने

चक्काजाम की सूचना मिलते ही खोड़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर सड़क से हटने और यातायात बहाल करने की अपील की। हालांकि ग्रामीण अपनी समस्या का समाधान होने तक सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं थे।

ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उन्हें राशन नहीं मिलेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया।

इसके बाद तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी शिकायत सुनी। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद तहसीलदार ने मौके पर ही राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू कराई।

राशन बंटना शुरू हुआ तो खत्म हुआ चक्काजाम

तहसीलदार के निर्देश के बाद ग्रामीणों को राशन वितरण शुरू कराया गया। राशन मिलने की प्रक्रिया शुरू होते ही ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ और उन्होंने सड़क खाली कर दी।

इसके बाद सड़क पर आवागमन सामान्य हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई के बाद राहत की सांस ली। हालांकि घटना ने सरकारी राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

कोलारस की 11 दुकानों पर भी कार्रवाई

इधर, कोलारस अनुविभाग में सरकारी राशन दुकानों की समीक्षा के दौरान 11 दुकानों पर राशन वितरण 80 प्रतिशत से कम पाया गया। प्रशासन के अनुसार ई-केवायसी पोर्टल पर इन दुकानों के लिए पर्याप्त राशन उपलब्ध होना दर्ज था, लेकिन इसके बावजूद वास्तविक वितरण का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम मिला।

कम वितरण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने आशंका जताई कि वितरण में कमी के पीछे राशन की हेराफेरी या अनियमितता हो सकती है। मामले की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित लोगों से वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

25.80 लाख रुपए की वसूली के आदेश

कोलारस के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित राशन दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सह-विक्रेता से कुल ₹25,80,225 की राशि वसूल की जाएगी।

प्रशासन ने संबंधित तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित राशि की वसूली कर उसे शासन के खाते में जमा कराया जाए। कार्रवाई की जानकारी कलेक्टर और जिला आपूर्ति अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

इन लोगों से होगी वसूली

प्रशासन के आदेश के अनुसार वसूली की कार्रवाई के दायरे में गोपाल जाटव, पुनीत शर्मा, भैंवलिया यादव, अनिकेत धाकड़, कुबेर रावत, राजकुमार सिंह चौहान, सोनू जाटव, सुनील यादव, गोलू लोधी, विजय कुमार कुशवाह और राजकुमार जाटव शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।

राशन व्यवस्था पर उठे सवाल

चरखऊ में दो महीने तक राशन नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों का सड़क पर उतरना और दूसरी ओर कोलारस की 11 दुकानों पर 80 प्रतिशत से कम वितरण मिलना, जिले की राशन वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाना है। ऐसे में यदि रिकॉर्ड में राशन उपलब्ध है, लेकिन हितग्राहियों तक उसका वितरण अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

फिलहाल चरखऊ में प्रशासन ने ग्रामीणों को राशन

उपलब्ध कराकर तत्काल समस्या का समाधान कराया है, जबकि कोलारस में आर्थिक वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। अब देखना होगा कि जांच में राशन वितरण में हुई अनियमितताओं की पूरी तस्वीर क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।

शिवपुरी फर्स्ट | जनता की आवाज — राशन जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर ग्रामीणों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की नौबत न आए, इसके लिए प्रशासन को वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी और शिकायतों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करना होगा।
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