खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को शिवपुरी जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर पालिका और शहर की विभिन्न व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने करीब ₹115 करोड़ की सीवर परियोजना को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। कांग्रेस ने परियोजना से जुड़े जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने, कथित नुकसान की वसूली और एफआईआर की मांग उठाई।
सीवर प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस के आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी 19 सितंबर को शिवपुरी की सीवर योजना पर नाराजगी जताते हुए इसे विफल बताया था और अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार की जांच की बात कही थी।
सीवर प्रोजेक्ट पर कांग्रेस का सीधा सवाल- पैसा खर्च हुआ, समाधान कहां?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहित अग्रवाल ने कहा कि शहर में सीवर लाइन डालने के लिए कई स्थानों पर सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी कई जगह सड़कें पहले जैसी स्थिति में नहीं लौट सकीं। कांग्रेस का आरोप है कि इससे आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की सीवर व्यवस्था सुचारु नहीं हुई तो इस परियोजना की योजना, निर्माण और क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कौन तय करेगा?
गौरतलब है कि हाल में प्रकाशित रिपोर्टों में भी शिवपुरी की सीवर परियोजना को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब ₹113 करोड़ बताई गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में इसे लगभग ₹115 करोड़ की योजना बताया गया है।
कांग्रेस ने वसूली और एफआईआर की मांग उठाई
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सीवर परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच कराने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों से राशि की वसूली और एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी।
कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक धन से तैयार परियोजना यदि अपेक्षित परिणाम नहीं दे रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विभाग अथवा परियोजना से जुड़े अधिकारियों का पक्ष इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
सीवर परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया के हालिया बयान में भी जांच की बात सामने आई थी। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने परियोजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच की बात कही तथा शहर की सीवर समस्या के समाधान के लिए आगे की कार्ययोजना पर जोर दिया।
सिंध पानी सप्लाई योजना पर भी कांग्रेस ने घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस का दूसरा बड़ा मुद्दा शहर की सिंध जल सप्लाई व्यवस्था रहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि योजना के बावजूद कई वार्डों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है।
कांग्रेस ने पाइपलाइन में लीकेज, कथित अवैध कनेक्शन और पानी खींचने के लिए लगाए जाने वाले पंपों को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि शहर के अंतिम छोर वाले वार्डों में पानी का दबाव कम होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
शिवपुरी में जल संकट और वैकल्पिक जल आपूर्ति को लेकर प्रशासन एवं नगर पालिका स्तर पर पहले भी टैंकरों और अन्य व्यवस्थाओं का सहारा लिया गया है। स्थानीय रिपोर्टों में शहर की जल आपूर्ति में व्यवधान और टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया था।
सफाई व्यवस्था और कचरा निपटान पर भी सवाल
कांग्रेस ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगर पालिका को घेरा। नेताओं ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में कचरा वाहन नियमित रूप से नहीं पहुंचते, जिससे घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या सामने आती है।
इसके साथ ही ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरे के निपटान, सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता और सफाई के लिए जरूरी संसाधनों को लेकर भी सवाल उठाए गए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केवल सफाई अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निपटान तक पूरी व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए।
आवारा मवेशी और बंद स्ट्रीट लाइट का मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर की सड़कों पर घूमते आवारा मवेशियों का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सड़कों पर मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा कई इलाकों में बंद स्ट्रीट लाइट, खराब पार्क और बाजारों में कथित अवैध कब्जों को लेकर भी नगर पालिका के कामकाज पर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस ने मांग की कि शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और शिकायतों के समाधान के लिए जवाबदेही तय हो।
पीएम आवास से लेकर प्रमाण पत्रों तक के मुद्दे उठे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल सड़क, पानी और सफाई ही नहीं, बल्कि नगर पालिका से जुड़े नागरिक सेवाओं के मुद्दे भी उठाए गए।
कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास योजना की किस्तों में देरी, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और भवन निर्माण अनुमति जैसे मामलों को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस का आरोप है कि इन कामों के लिए आम लोगों को नगर पालिका के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा भी रहीं मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे। नेताओं ने शहर की व्यवस्थाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दे उठाते हुए नगर पालिका के कामकाज पर सवाल किए।
कांग्रेस ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर सीवर, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सेवाएं मिलना जरूरी है। पार्टी ने सीवर परियोजना सहित उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित जिम्मेदार विभागों से जवाब मांगा है।
फिलहाल सीवर प्रोजेक्ट का मुद्दा शिवपुरी की स्थानीय राजनीति में चर्चा के केंद्र में है। एक ओर कांग्रेस ने गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की, वहीं इससे कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी परियोजना की स्थिति पर नाराजगी जता चुके हैं। अब जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि परियोजना की कमियों के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।