खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शहर के बहुचर्चित और सनसनीखेज पूर्व डीएसपी पर जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को शिवपुरी जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र शर्मा ने पूर्व डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सभी 6 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 12-12 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन की ओर से शासकीय लोक अभियोजक शिवनारायण वर्मा ने पैरवी की।
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस आरोपी ने पूर्व डीएसपी पर गोली चलाई, वह घटना से ठीक पहले उनके पैर छूकर सम्मान जताने पहुंचा था। पैर छूने के कुछ ही क्षण बाद कट्टे से फायर कर दिया गया। अचानक हुई इस वारदात से पूर्व डीएसपी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और घटना के बाद पूरे शिवपुरी शहर में सनसनी फैल गई थी।
पैर छुए और फिर चला दी गोली
अभियोजन के अनुसार घटना 5 दिसंबर 2020 की है। महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी पूर्व डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार अपने घर पर बैठे हुए थे। इसी दौरान आरोपी सौरभ चौहान वहां पहुंचा। बताया गया कि सौरभ ने पहले पूर्व डीएसपी के पैर छुए। इससे वहां मौजूद लोगों को किसी तरह के विवाद या हमले का अंदेशा नहीं हुआ।
लेकिन इसके तुरंत बाद घटनाक्रम ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया। आरोप है कि सौरभ चौहान ने कट्टा निकालकर पूर्व डीएसपी पर फायर कर दिया। गोली लगने से सुरेश सिंह सिकरवार गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
वारदात के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
एक ही परिवार के 5 सदस्य, पूर्व पार्षद भी आरोपी
इस मामले में पुलिस ने सौरभ चौहान के अलावा उसके भाई अमन चौहान, चाचा प्रदीप चौहान, शैलेन्द्र चौहान, पिता अनूप चौहान तथा पूर्व पार्षद अनिल बघेल को आरोपी बनाया था।
इस तरह मामले में कुल 6 आरोपी सामने आए। इनमें एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल थे, जबकि एक आरोपी पूर्व पार्षद बताया गया। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
मामला अदालत पहुंचने के बाद दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने सुनवाई आगे बढ़ाई। लंबे समय तक चले इस मामले में आखिरकार सोमवार को फैसला आया।
कोर्ट का फैसला आते ही खत्म हुआ लंबा इंतजार
करीब छह साल पुराने इस मामले में सोमवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र शर्मा की अदालत ने सभी 6 आरोपियों को दोषी माना और प्रत्येक आरोपी को 10 वर्ष के कारावास तथा 12 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
अदालत के फैसले के बाद मामले में मौजूद पांच दोषियों को जेल भेज दिया गया। वहीं अनूप चौहान फरार बताया गया है। उसके संबंध में पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर में लंबे समय तक चर्चा में रहा था मामला
पूर्व डीएसपी जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर घर में घुसकर इस तरह हमला किए जाने की घटना ने शिवपुरी में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा पैदा कर दी थी। घटना के दौरान जिस तरह पहले पैर छूने और उसके बाद फायर करने की बात सामने आई थी, उसने इस वारदात को और भी चर्चा में ला दिया था।
एक तरफ आरोपी द्वारा सम्मान जताने जैसा व्यवहार और दूसरी तरफ कुछ ही क्षणों में गोली चलाने का आरोप—इस घटनाक्रम ने पुलिस और आम लोगों के बीच भी इस मामले को खासा चर्चित बना दिया था।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया और अब अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
अभियोजन ने रखे मामले के तथ्य
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से शासकीय लोक अभियोजक शिवनारायण वर्मा ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को 10 वर्ष की सजा सुनाई।
इस फैसले के साथ ही वर्ष 2020 में हुई इस चर्चित वारदात में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। हालांकि एक दोषी के फरार होने के कारण उसके संबंध में पुलिस की कार्रवाई अभी बाकी है।
6 साल पुरानी वारदात, अब आया फैसला
5 दिसंबर 2020 को हुई इस घटना से लेकर अदालत के फैसले तक लगभग छह वर्ष का समय गुजर गया। इस दौरान मामला पुलिस जांच से लेकर न्यायालय की सुनवाई तक पहुंचा। सोमवार को आए फैसले ने इस पुराने और चर्चित मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया।
पूर्व डीएसपी पर हुए हमले के मामले में अदालत द्वारा सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा सुनाया जाना अब शिवपुरी के चर्चित आपराधिक मामलों में दर्ज हो गया है। मामले में पांच दोषियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि अनूप चौहान के फरार होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए अगला कदम होगी।