शिवपुरी में प्राचार्य की टेबल की दराज से मिलीं 14 पुड़िया स्मैक,मचा हड़कंप:कृषि प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य निलंबित:NDPS एक्ट में केस दर्ज

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी शासकीय संस्थान में नशीले पदार्थ की बरामदगी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद शिवपुरी में हड़कंप मच गया है। शहर के शासकीय कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया को विभाग ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनकी टेबल की दराज से कथित तौर पर 14 पुड़िया स्मैक बरामद होने के बाद की गई। मामले में कोतवाली पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया और प्राचार्य के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किया गया। घटना ने सरकारी संस्थान में नशीले पदार्थ की मौजूदगी और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना के बाद कृषि प्रशिक्षण केंद्र पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में स्मैक की पुड़िया रखी हुई हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल संबंधित केंद्र पर पहुंची।

इसके बाद पुलिस ने प्राचार्य के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान प्राचार्य की टेबल की दराज से सफेद पॉलिथीन के अंदर कागज में लिपटी 14 पुड़िया बरामद होने की बात पुलिस ने बताई है।

पुलिस के मुताबिक, पुड़ियों के अंदर भूरे रंग का पाउडर मिला। बरामद पदार्थ का वजन कराने के लिए मौके पर तौल कांटा बुलाया गया। सभी पुड़ियों में रखे पदार्थ का कुल वजन 1.66 ग्राम बताया गया है।

पुलिस ने बरामद पदार्थ को स्मैक बताते हुए उसे जब्त कर लिया। कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्राचार्य की टेबल की दराज में मिलीं पुड़िया

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कथित तौर पर नशीले पदार्थ की पुड़ियां प्राचार्य के कमरे में उनकी टेबल की दराज से मिलीं। बरामदगी के बाद पुलिस ने नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की।

हालांकि, केवल किसी व्यक्ति के कमरे या टेबल से कोई पदार्थ मिलने से उस व्यक्ति की दोषसिद्धि स्वतः नहीं हो जाती। मामले में पुलिस जांच, बरामद पदार्थ की वैधानिक जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम जिम्मेदारी तय होगी।

फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

पंचनामा और जब्ती पत्र पर हस्ताक्षर से इनकार

पुलिस के अनुसार, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया ने पंचनामा, जब्ती पत्र और नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।

पुलिस ने उनके द्वारा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने की बात को भी कार्रवाई में दर्ज किया। इसके लिए अलग से पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। इसके बाद बरामद पदार्थ को जब्त कर पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।

NDPS एक्ट की धारा 8/21 में मामला दर्ज

कोतवाली पुलिस ने इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

NDPS एक्ट के तहत मादक पदार्थों के अवैध कब्जे, बिक्री, परिवहन और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जाती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद पदार्थ कहां से आया, उसे केंद्र तक कौन लेकर आया और उसे वहां रखने के पीछे क्या वजह थी।

जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद पदार्थ की वैधानिक जांच में उसकी वास्तविक प्रकृति क्या सामने आती है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि किस प्रकार होती है।

विभाग ने तत्काल की निलंबन की कार्रवाई

पुलिस प्रकरण दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया। विभागीय स्तर पर प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन की कार्रवाई को विभाग की ओर से मामले की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। अब पुलिस जांच के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जा सकती है।

एक सरकारी प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य के कमरे से कथित तौर पर नशीले पदार्थ की बरामदगी ने संस्थान की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। बरामद 14 पुड़ियों में मिले पदार्थ की पहचान, उसकी जांच रिपोर्ट, पदार्थ के स्रोत और उससे जुड़े लोगों की भूमिका जैसे सवालों के जवाब जांच के दौरान सामने आएंगे।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि नशीला पदार्थ प्रशिक्षण केंद्र तक कैसे पहुंचा और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।

फिलहाल प्रकरण दर्ज होने और प्राचार्य के निलंबन के बाद मामला चर्चा में है। सरकारी संस्थान में इस तरह की बरामदगी ने कर्मचारियों और आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया है।

शिवपुरी फर्स्ट: कृषि प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य की टेबल की दराज से कथित स्मैक की 14 पुड़िया मिलने के मामले में पुलिस कार्रवाई और विभागीय निलंबन के बाद अब सभी की नजर जांच के अगले चरण पर है। मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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