खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम पचावली में लाइसेंसी देशी-विदेशी कंपोजिट शराब दुकान में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लखन उर्फ किन्ना आदिवासी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस अब तक कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पचावली में 11 सितंबर को हुई घटना के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान महिला और पुरुषों का समूह शराब दुकान के अंदर घुस गया था। आरोप है कि उपद्रवियों ने दुकान में रखे फ्रिज, कूलर, इन्वर्टर और बैटरी में तोड़फोड़ की और इसके बाद देशी-विदेशी शराब की पेटियों में आग लगा दी थी। घटना के बाद रन्नौद थाने में अपराध क्रमांक 156/26 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई।
शराब दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को ग्राम पचावली स्थित लाइसेंसी देशी-विदेशी कंपोजिट मदिरा दुकान पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पहुंचे थे। आरोप है कि समूह ने दुकान के अंदर प्रवेश कर वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया।
तोड़फोड़ के बाद शराब की पेटियों में आग लगाने की घटना सामने आई। आगजनी की सूचना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
घटना के संबंध में रन्नौद थाने में अपराध क्रमांक 156/26 दर्ज किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए।
पहले ही दिन 21 आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने कार्रवाई में तेजी दिखाते हुए 11 सितंबर को ही 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें 18 महिला आरोपी और 3 पुरुष आरोपी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और विवेचना के दौरान मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस को एक और आरोपी लखन उर्फ किन्ना आदिवासी के संबंध में जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एक और आरोपी गिरफ्त में, न्यायालय ने भेजा जेल
पुलिस ने लखन उर्फ किन्ना आदिवासी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पचावली शराब दुकान आगजनी और तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 22 हो गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है।
एसपी के निर्देशन में लगातार चल रही कार्रवाई
पचावली की घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.डी. प्रजापति तथा एसडीओपी कोलारस श्री संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में रन्नौद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में टीम ने घटना के बाद लगातार आरोपियों की तलाश की और पहले चरण में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद अब एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
रन्नौद पुलिस की टीम की सराहनीय भूमिका
आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी रन्नौद उप निरीक्षक राजीव कुमार दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई में सउनि जयनारायण, प्रधान आरक्षक 934 जगेश सिकरवार, आरक्षक 1132 सर्वेश शर्मा, आरक्षक 191 वकील गुर्जर, आरक्षक 814 महेश सिंह, आरक्षक 886 सिद्धनाथ गौड़ और महिला आरक्षक 457 कृष्णा पाल शामिल रहे।
पुलिस टीम ने घटना के बाद आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए।
तोड़फोड़ और आगजनी पर पुलिस का सख्त रुख
पचावली की घटना ने शराब दुकान को लेकर चल रहे विवाद को गंभीर मोड़ दे दिया था। अपनी मांग या विरोध दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन करना अलग बात है, लेकिन किसी लाइसेंसी दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी जैसे आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया।
पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों को लेकर पुलिस सख्त रुख अपना रही है।
वहीं मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस विवेचना के बाद स्पष्ट होगी।
अब आगे क्या?
पुलिस की जांच अभी जारी है। अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, तोड़फोड़ और आगजनी किस तरह हुई तथा घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
पचावली शराब दुकान आगजनी मामले में रन्नौद पुलिस की लगातार कार्रवाई ने मामले को एक के बाद एक गिरफ्तारी तक पहुंचा दिया है। पहले 21 आरोपी और अब लखन उर्फ किन्ना आदिवासी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है और पुलिस पूरे प्रकरण की विवेचना में जुटी हुई है।