खुशबू शर्मा खबर;शिवपुरी सिरसौद थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 21 अगस्त को रातीकिरार पुलिया के पास सड़क किनारे मृत मिले मोहर सिंह रावत की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके रिश्ते में भांजे दिलीप रावत निवासी भौराना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे करीब 7-8 साल पुरानी रंजिश सामने आई है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में सिरसौद थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मामले की कड़ियां जोड़ीं। घटनास्थल की जांच, CCTV फुटेज, FSL और साइबर सेल की मदद से जुटाए गए साक्ष्यों ने पुलिस को संदिग्ध तक पहुंचाया। इसके बाद आरोपी के फरार होने के बावजूद पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे पकड़ लिया।
मंदिर जाने निकला था मोहर सिंह, रास्ते में मिली मौत
पुलिस के अनुसार 22 अगस्त 2026 को मिथुन रावत निवासी जाफरपुर, हाल निवासी लालमाटी, शिवपुरी ने सिरसौद थाने पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके पिता मोहर सिंह रावत 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे उसके मामा के लड़के दिलीप रावत के साथ शिवपुरी से छिमछिमा मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे।
इसके बाद मोहर सिंह घर वापस नहीं लौटे।
इसी बीच गांव के युवक दुर्वेन्द्र रावत ने मिथुन को बताया कि उसके पिता सड़क किनारे रातीकिरार पुलिया के नीचे पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो मोहर सिंह मृत अवस्था में मिले।
शुरुआत में मौत की वजह स्पष्ट नहीं थी। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
सिर पर वार ने खोली हत्या की कहानी
मर्ग जांच के दौरान डॉक्टर की रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक के सिर पर गंभीर चोटें थीं और सिर को बुरी तरह कुचला गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को साधारण मौत न मानते हुए हत्या की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
मामले में अपराध क्रमांक 232/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
यह मामला पुलिस के सामने चुनौती इसलिए भी था क्योंकि आरोपी का तत्काल कोई स्पष्ट सुराग नहीं था। ऐसे में सिरसौद पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के इलाकों तक साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
CCTV ने बदली जांच की दिशा
पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सिरसौद थाना प्रभारी को अज्ञात आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना पुलिस ने घटनास्थल की कार्रवाई के साथ-साथ FSL और साइबर सेल शिवपुरी की मदद ली। पुलिस ने क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनसे दिलीप रावत पुत्र प्रीतम रावत निवासी भौराना पर संदेह गहराया। लेकिन पुलिस के हाथ आरोपी तक पहुंचते, उससे पहले ही वह गांव छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देना शुरू किया। स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।
फरारी के बावजूद पुलिस ने नहीं छोड़ा पीछा
आरोपी के फरार होने के बाद मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया था। लेकिन सिरसौद पुलिस ने उसकी तलाश बंद नहीं की। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाती रही।
CCTV फुटेज से मिले सुरागों को अन्य साक्ष्यों से जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दिलीप रावत मथुरा, उत्तर प्रदेश की ओर से शिवपुरी आ रहा है।
14 सितंबर को मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे शिवपुरी में अभिरक्षा में ले लिया।
पूछताछ में सामने आई पुरानी रंजिश
पुलिस के अनुसार थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात बताई।
आरोपी के मुताबिक करीब 7-8 वर्ष पहले उसके पिता प्रीतम रावत की मृत्यु मोहर सिंह रावत के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। दिलीप को संदेह था कि उसके पिता की मौत के पीछे मोहर सिंह का हाथ था।
पुलिस के अनुसार इसी पुरानी रंजिश ने बाद में खूनी रूप ले लिया।
आरोप है कि 21 अगस्त 2026 को दिलीप रावत ने मोहर सिंह को रातीकिरार पुलिया के पास शराब के नशे में सड़क किनारे पटक-पटककर पीटा और फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी।
शव को ठिकाने लगाने की कोशिश भी की
पुलिस पूछताछ के अनुसार हत्या के बाद आरोपी ने शव को वहां से हटाने की कोशिश की। बताया गया कि आरोपी ग्राम राजा की मुढेरी में दोबारा शराब पीने के बाद घटनास्थल पर पहुंचा।
उसने मृतक के शव को घसीटकर सड़क से नीचे ले जाने का प्रयास किया। हालांकि अधिक नशे में होने के कारण वह शव को ज्यादा दूर नहीं ले जा सका। इसके बाद आरोपी वहां से निकलकर अपने घर चला गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आए तथ्यों और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे माननीय न्यायालय शिवपुरी में पेश किया। न्यायालय से आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस तरह करीब 24 दिन पुराने इस हत्या मामले में पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने से लेकर CCTV फुटेज की पड़ताल, तकनीकी सहायता और आरोपी की तलाश तक लगातार कार्रवाई की।
इस कार्रवाई में उनि जगदीश भिलाला, सउनि ब्रजपाल सिंह तोमर, प्रआर 798 सत्यवीर सिंह जादौन, प्रआर 351 बलवंत पाल, प्रआर 792 रविन्द्र सिनोरिया, प्रआर 592 जितेन्द्र करारे, प्रआर 566 प्रमोद पुरोहित, प्रआर 216 विक्रम सिंह बाथम, आरक्षक 257 मुकेश सिंह परमार और आरक्षक चालक 917 रमेश सिंह की विशेष भूमिका रही।
पुरानी रंजिश से निकली खूनी कहानी, CCTV ने पहुंचाया आरोपी तक
रातीकिरार पुलिया के पास सड़क किनारे मिले शव से शुरू हुई जांच में पहले मौत की वजह रहस्य बनी हुई थी। डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद हत्या की पुष्टि हुई और पुलिस ने अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू की। CCTV, FSL, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ी और संदेह की सुई दिलीप रावत तक पहुंची।आरोपी के फरार होने के बाद भी पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार मथुरा से लौटते समय उसे शिवपुरी में पकड़ लिया।
सिरसौद थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई, बल्कि लंबे समय से चली आ रही कथित रंजिश के खूनी अंजाम को भी सामने ला दिया।