समाज की एकजुटता और संस्कारों से ही होगा उत्थान:ब्राह्मण महासभा की बैठक में गूंजा सामाजिक जागरण का संदेश

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन जिला इकाई शिवपुरी एवं परशुराम कल्याण बोर्ड की संयुक्त साप्ताहिक बैठक रविवार को इंद्रप्रस्थ नगर स्थित बचपन ग्लोबल स्कूल के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकजुटता, संस्कारों के संरक्षण, सनातन धर्म के उत्थान और आगामी अविवाहित युवक-युवती परिचय सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक पंडित रामजी लाल शर्मा, अध्यक्षता कर रहे जिला उपाध्यक्ष पंडित राम वल्लभ पाराशर, जिला महामंत्री पंडित चतुर्भुज समाधिया एवं विशिष्ट अतिथि पंडित महेश कुमार पांडे ने संयुक्त रूप से पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात योगाचार्य कैलाश नारायण मुद्गल ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

मुख्य अतिथि पंडित रामजी लाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समाज व्यवस्था में ब्राह्मण की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि संस्कारों और मूल्यों का प्रतीक है। सनातन धर्म की मर्यादाएं इन्हीं संस्कारों पर आधारित हैं और समाज की नैतिक दिशा को बनाए रखने में ब्राह्मण समाज की विशेष जिम्मेदारी है।

जिला महामंत्री पंडित चतुर्भुज समाधिया ने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित होती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कारों के अभाव में समाज की स्थिति कमजोर होती जा रही है। ऐसे समय में आवश्यक है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का संकल्प ले।

जिला उपाध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर दांतरे ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा सनातन समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि तुलसी आश्रम परिसर में भगवान परशुराम मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। साथ ही परशुराम सभागार, संस्कृत विद्यालय की स्थापना और समाज के गरीब, विधवा, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों को सहयोग प्रदान करने जैसे कार्य भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

उपाध्यक्ष पंडित देवेंद्र मड़वास ने कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए संस्कृत भाषा का विकास अत्यंत आवश्यक है। वहीं संयुक्त मंत्री पंडित गजानन शर्मा ने संगठनात्मक एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए सभी को मधुमक्खियों की तरह मिलकर कार्य करना होगा। एकता, सहयोग और समर्पण ही सफलता की कुंजी हैं।

बैठक के दौरान समाजसेवी राकेश विरथरे ने आगामी 13 सितंबर को आयोजित होने वाले अविवाहित युवक-युवती परिचय सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं के बीच विभिन्न जिम्मेदारियों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सामाजिक समरसता और वैवाहिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

बैठक में डॉ. गोविंद विरथरे, प्रहलादचंद शर्मा, सुरेश कुमार शर्मा, पंडित विशंभर दयाल दीक्षित, ओमप्रकाश दुबे, रमेश कुमार शर्मा, द्वारका प्रसाद शर्मा, धनेश कुमार शर्मा, विनोद उपरीन, कुंज बिहारी पाराशर, राजेंद्र पांडे, सुरेंद्र पाठक, रामप्रकाश शर्मा, हरगोविंद शर्मा, देवेंद्र कन्हौआ सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन पंडित महावीर प्रसाद मुद्गल ने किया, जबकि अंत में पंडित सुरेश पाराशर ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
शिवपुरी फर्स्ट | संस्कार, संगठन और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ ब्राह्मण समाज ने आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तय की।
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