राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों से अभद्रता का आरोप:गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश का दावा

Nikk Pandit
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CM हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने राशन वितरण में अनियमितता के भी लगाए आरोप

खुशबू शर्मा खबर:शिवपुरी जिले के पिछोर जनपद की सलैया पंचायत क्षेत्र में राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। चनंखारी गांव स्थित राशन दुकान पर राशन लेने पहुंचे ग्रामीणों ने सेल्समैन पर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने की शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामले ने नया रूप ले लिया।

ग्रामीणों ने राशन वितरण व्यवस्था में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पात्र हितग्राहियों में से कुछ लोगों को राशन मिल जाता है, जबकि कई लोगों को राशन के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

राशन नहीं मिलने पर CM हेल्पलाइन में शिकायत

सलैया गांव निवासी जितेंद्र कुमार झा के मुताबिक, गांव के कई लोगों को निर्धारित राशन नहीं मिला था। राशन नहीं मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम का फोन आने की बात जितेंद्र ने बताई।

जितेंद्र के अनुसार, फूड इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों से पहले संबंधित राशन दुकान पर जाकर राशन लेने और उसके बाद सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत को समाप्त करवाने के लिए कहा। ग्रामीणों का कहना है कि इसी के बाद वे अन्य लोगों के साथ चनंखारी गांव स्थित राशन दुकान पर राशन लेने पहुंचे।

राशन दुकान पर पहुंचते ही विवाद का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान पर पहुंचने के बाद सेल्समैन महेंद्र और उसके चाचा ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता शुरू कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, बातचीत के दौरान गाली-गलौज की गई और विवाद बढ़ने पर मारपीट की कोशिश भी की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि वे राशन लेने और अपनी शिकायत का समाधान कराने के उद्देश्य से दुकान पर पहुंचे थे, लेकिन वहां उनके साथ कथित तौर पर जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे मामला और गंभीर हो गया।

हालांकि, घटना को लेकर संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना भी शेष है।

राशन वितरण में मनमानी के आरोप

ग्रामीणों ने केवल अभद्रता का ही आरोप नहीं लगाया, बल्कि राशन वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि दुकान पर कुछ हितग्राहियों का अंगूठा लगवाकर उन्हें राशन दे दिया जाता है, जबकि अन्य पात्र लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पाता।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि राशन वितरण व्यवस्था नियमानुसार हो रही है तो पात्र हितग्राहियों के रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और दुकान के स्टॉक की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से दुकान के स्टॉक और वितरण रजिस्टर की जांच कराने की मांग की है।

फूड इंस्पेक्टर पर भी उठे सवाल

मामले में फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम की भूमिका को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद फूड इंस्पेक्टर का फोन आया था और उन्होंने राशन दुकान पर जाकर राशन लेने की बात कही थी।

इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम से फोन पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में फिलहाल इस मामले में विभागीय अधिकारी का पक्ष सामने नहीं आ सका है।

कलेक्टर ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

राशन वितरण में अनियमितता से जुड़े मामले में कलेक्टर द्वारा फूड इंस्पेक्टर गौरव कदम को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे राशन वितरण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों की गंभीरता और बढ़ जाती है।

हालांकि, नोटिस जारी होने के पीछे के विस्तृत कारण और उसमें दर्ज विभागीय तथ्यों की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चनंखारी राशन दुकान की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दुकान के स्टॉक, हितग्राहियों के रिकॉर्ड, ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और पात्र लोगों को मिले राशन का मिलान कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राशन वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में राशन वितरण में गड़बड़ी या हितग्राहियों के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मामला ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और विभागीय स्तर पर सामने आई कार्रवाई के बीच है। पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो राशन वितरण व्यवस्था में जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है, वहीं संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।

Shivpuri First की अपील: पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित खाद्यान्न समय पर और नियमानुसार मिलना चाहिए। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर संबंधित विभाग या आधिकारिक शिकायत व्यवस्था के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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