खुशबू शर्मा शिवपुरी;खबर मध्य प्रदेश में आबादी भूमि पर मकान और परिसंपत्ति होने के बावजूद मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों को लेकर परेशान लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य शासन के निर्देश पर शिवपुरी जिले में “मध्यप्रदेश स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन 2026” अभियान शुरू होने जा रहा है। अभियान के तहत स्वामित्व योजना में दर्ज पात्र भवनों और परिसंपत्तियों के भूमिस्वामियों का नि:शुल्क पंजीयन कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपने स्वामित्व का अधिकार अभिलेख मिल सकेगा।
अभियान को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने समस्त एसडीएम और जनपद सीईओ के साथ बैठक कर अभियान की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
17 सितंबर से गांव-गांव शुरू होंगे विशेष शिविर
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लोगों को पंजीयन के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेख में दर्ज भवनों के भूमिस्वामियों का पंजीयन कार्य किया जाएगा। प्रशासन का फोकस प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने पर है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को अभियान का सीधा लाभ मिल सके।
अफसरों के सामने बड़ा टारगेट—रोज 40 रजिस्ट्री
अभियान को गति देने के लिए कलेक्टर श्री वर्मा ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, प्रत्येक निष्पादन अधिकारी को हर दिन कम से कम 40 रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य दिया गया है।
इस लक्ष्य से साफ है कि प्रशासन अभियान को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है। कलेक्टर ने अधिकारियों को बेहतर कार्ययोजना बनाकर काम करने तथा अभियान की प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ई-केवायसी और लैंड रिकॉर्ड लिंकिंग का काम जारी
स्वामित्व अधिकार अभियान के तहत प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए जिले में ई-केवायसी और लैंड रिकॉर्ड लिंकिंग का काम भी जारी है। संबंधित अधिकारियों और अमले को रिकॉर्ड की जांच तथा पात्र हितग्राहियों की पहचान की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि अधिकार अभिलेख में दर्ज पात्र भूमिस्वामियों का पंजीयन निर्धारित समय में पूरा किया जा सके और उन्हें अपने स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्राप्त हो सकें।
पटवारी से लेकर तहसीलदार तक जिम्मेदारी तय
स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन में पंचायत स्तर पर पटवारी निष्पादन अधिकारी के रूप में काम करेंगे। उनके साथ ग्राम रोजगार सहायक यानी जीआरएस समन्वय करेंगे।
वहीं पंजीयन अधिकारी के रूप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी निभाएंगे। पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव भी शिविरों की व्यवस्था और संबंधित कार्यों में सहयोग करेंगे।
इस तरह अभियान में राजस्व और पंचायत विभाग के अमले को सीधे तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे गांव स्तर पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
तीन चरणों में लगेंगे शिविर, तारीखें घोषित
अभियान के लिए शिवपुरी जिले में तीन चरणों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। प्रशासन ने इसकी तारीखें भी घोषित कर दी हैं।
🔴 पहला चरण: 17, 18 एवं 19 सितंबर 2026
🟡 दूसरा चरण: 24, 25 एवं 26 सितंबर 2026
🟢 तीसरा चरण: 1, 2 एवं 3 अक्टूबर 2026
इन शिविरों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक पंजीयन कार्य किया जाएगा। शिविरों का आयोजन ग्राम पंचायत भवनों में होगा, जहां पटवारी, ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत सचिव के समन्वय से प्रक्रिया संपादित की जाएगी।
गांव के लोगों के लिए क्यों खास है यह अभियान?
स्वामित्व योजना के तहत आबादी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित कर पात्र भूमिस्वामियों को उनके अधिकार से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे संपत्ति के स्वामित्व को लेकर दस्तावेजी स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
कई ग्रामीण क्षेत्रों में मकान और जमीन पीढ़ियों से परिवारों के कब्जे में हैं, लेकिन उनके पास स्वामित्व से संबंधित व्यवस्थित दस्तावेज नहीं होते। ऐसे मामलों में संपत्ति से जुड़े विवाद और अन्य दस्तावेजी परेशानियां सामने आती रहती हैं। स्वामित्व अधिकार अभिलेख के जरिए ऐसी संपत्तियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन की सीधी निगरानी में चलेगा अभियान
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान की पूर्व तैयारियां समय पर पूरी की जाएं और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां स्पष्ट रहें। राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया है।
अब 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक तीन चरणों में लगने वाले विशेष शिविर इस अभियान की असली तस्वीर सामने लाएंगे। रोजाना 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य होने के कारण राजस्व अमले के सामने बड़ी जिम्मेदारी भी है और ग्रामीणों के लिए अपने स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज हासिल करने का बड़ा अवसर भी।
कुल मिलाकर शिवपुरी में स्वामित्व अधिकार अभियान अब जमीन पर उतरने जा रहा है—आबादी भूमि और परिसंपत्तियों से जुड़े पात्र लोगों को नि:शुल्क पंजीयन के जरिए उनके स्वामित्व अधिकार को दस्तावेजी रूप देने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।