शिवपुरी में बारिश का कहर:रातों-रात ढह गया पुराना दो मंजिला मकान

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी जिले में लगातार हो रही बारिश अब कच्चे और पुराने मकानों के लिए खतरा बनती जा रही है। ग्राम पंचायत चंदावनी के दुर्गापुर गांव में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पुराना दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सदस्य मकान के बाहर थे, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

हालांकि मकान पूरी तरह धराशायी होने के कारण परिवार का घरेलू सामान, गेहूं सहित अन्य सामग्री मलबे में दब गई। मकान के अंदर कुछ बकरियां भी बंधी हुई थीं। मकान गिरने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और मलबे के बीच से बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण मकान की स्थिति पहले से कमजोर बताई जा रही थी। परिवार का कहना है कि बारिश के चलते मकान की दीवारों और संरचना में नमी बढ़ती गई और सोमवार रात अचानक उसका एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद देखते ही देखते पूरा मकान ढह गया।

पहले एक हिस्सा गिरा, फिर पूरा मकान हुआ धराशायी
परिवार के मुताबिक, सोमवार रात अचानक मकान के एक हिस्से के गिरने की आवाज आई। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी सतर्क हो गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मकान का बाकी हिस्सा भी भरभराकर नीचे आ गिरा।

पुराना और दो मंजिला होने के कारण मकान के धराशायी होने से बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि मकान के अंदर कोई व्यक्ति तो नहीं फंसा है।
गनीमत रही कि परिवार के सदस्य उस समय बाहर थे। यदि परिवार के लोग मकान के अंदर मौजूद होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था।

बकरियां मकान के अंदर थीं, ग्रामीणों ने बचाया

मकान गिरने के समय उसके अंदर कुछ बकरियां बंधी हुई थीं। मकान गिरने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए बकरियों को बाहर निकालने में जुट गए।

ग्रामीणों ने सावधानी से मलबे के बीच पहुंचकर बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिए जाने से पशुओं की जान बच गई।

परिवार के लिए यह भी राहत की बात रही कि हादसे में किसी व्यक्ति या पशु की जान नहीं गई। हालांकि मकान और उसके अंदर रखा सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मलबे में दब गया घरेलू सामान और गेहूं

मकान के अचानक ढह जाने के कारण परिवार का काफी घरेलू सामान मलबे के नीचे दब गया। परिवार के मुताबिक, घर में रखा गेहूं और अन्य जरूरी सामग्री भी मलबे में दबकर खराब हो गई।

पुराना मकान परिवार के लिए रहने के साथ-साथ घरेलू सामान रखने का भी स्थान था। मकान के पूरी तरह टूट जाने के बाद परिवार के सामने अब अपने सामान को सुरक्षित रखने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

बारिश के बीच मलबे से सामान निकालना भी परिवार के लिए चुनौती बना हुआ है।

परिवार ने बताया दो लाख से ज्यादा का नुकसान

पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान पूरी तरह टूट जाने और घरेलू सामान के मलबे में दबने से उन्हें दो लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। परिवार के अनुसार, मकान के निर्माण और उसमें मौजूद घरेलू सामग्री की कीमत को मिलाकर नुकसान काफी ज्यादा है।

अचानक मकान गिरने से परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। अब उनके सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि बारिश के मौसम में वे कहां रहें और घर के जरूरी सामान की व्यवस्था कैसे करें।

बारिश ने बढ़ाई पुराने मकानों की चिंता

दुर्गापुर की घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में पुराने मकानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी और पुराने निर्माण में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में कमजोर दीवारों और पुरानी इमारतों के गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान प्रशासन को ऐसे पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराना चाहिए, ताकि समय रहते खतरे वाले मकानों को चिन्हित किया जा सके और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।

प्रशासन से सर्वे और आर्थिक मदद की मांग

मकान ढहने के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि मकान, घरेलू सामान और मलबे में दबे गेहूं समेत अन्य नुकसान का आकलन किया जाए।
परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की है, ताकि वे दोबारा अपने रहने की व्यवस्था कर सकें।

पीड़ित परिवार की एक बड़ी मांग यह भी है कि बारिश के दौरान उन्हें सुरक्षित रहने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाए। परिवार का कहना है कि मकान पूरी तरह गिर जाने के बाद अब उनके सामने रहने की समस्या सबसे बड़ी है।

गनीमत रही, टल गया बड़ा हादसा

दुर्गापुर गांव में सोमवार रात हुआ हादसा आर्थिक नुकसान छोड़ गया, लेकिन राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। परिवार के सदस्य मकान से बाहर थे और ग्रामीणों ने समय रहते अंदर बंधी बकरियों को भी सुरक्षित निकाल लिया।

फिलहाल परिवार प्रशासन की मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में मलबे को हटाने और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना परिवार के लिए बेहद जरूरी है।

दुर्गापुर में ढहा यह पुराना मकान बारिश के मौसम में जर्जर भवनों को लेकर एक बार फिर चेतावनी दे रहा है—समय रहते ऐसे मकानों की पहचान और जांच हो जाए तो कई संभावित हादसों को टाला जा सकता है।
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