शिवपुरी में बिजली को लेकर जनपद सदस्य का धरना:लाइनमैन के निलंबन की मांग

Nikk Pandit
0
खुशबू शर्मा :खबर शिवपुरी जिले के कोलारस जनपद क्षेत्र के खरई गांव में शुक्रवार को बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। लंबे समय से खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बदलने और बिजली समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान ग्रामीणों के साथ बिजली सब स्टेशन पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने स्थानीय लाइनमैन धनीराम प्रजापति पर मनमानी और लापरवाही के आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग उठाई।

धरने के दौरान जनपद सदस्य ने बिजली विभाग को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खराब ट्रांसफार्मरों को नहीं बदला गया और लाइनमैन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बिजली सब स्टेशन की सप्लाई बंद करने का कदम उठाएंगे। इतना ही नहीं, मांगें पूरी नहीं होने पर अगले दिन आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई।

सात महीने से अंधेरे में बस्तियां, ग्रामीणों में आक्रोश
जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान का आरोप है कि राजगढ़ गांव की हरिजन बस्ती और परिहार बस्ती में करीब सात महीने से ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

चौहान के मुताबिक, ग्रामीण लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से ट्रांसफार्मर बदलने की मांग करते रहे, लेकिन हर बार उन्हें किसी न किसी कारण से टाल दिया गया। लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार शुक्रवार को जवाब दे गया और वे जनपद सदस्य के नेतृत्व में सब स्टेशन पहुंच गए।

जनपद सदस्य ने आरोप लगाया कि लाइनमैन द्वारा बिजली बिल जमा नहीं होने का हवाला देकर ट्रांसफार्मर बदलने में रुकावट डाली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को लेकर अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दी गई।

चार महीने की मशक्कत के बाद बदला आदिवासी बस्ती का ट्रांसफार्मर

धरने के दौरान जनपद सदस्य ने दावा किया कि आदिवासी बस्ती के ट्रांसफार्मर को बदलवाने में करीब चार महीने तक प्रयास करना पड़ा। इसके बाद जाकर वहां नया ट्रांसफार्मर लगाया जा सका।

वहीं, अब कुशवाह मोहल्ले में पिछले करीब 15 दिनों से डीपी खराब होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद अभी तक डीपी को ठीक नहीं कराया गया है। इससे मोहल्ले के लोगों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।

चौहान ने ट्रांसफार्मर के नाम पर 30 हजार रुपए की कथित वसूली का आरोप भी लगाया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में बिजली विभाग की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दो फेस का ट्रांसफार्मर एक फेस पर चलाने का आरोप
जनपद सदस्य ने बिजली व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाके में दो फेस वाले ट्रांसफार्मर को एक फेस पर चलाया जा रहा है। इसके कारण ग्रामीणों को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल रहा और बिजली सप्लाई बार-बार प्रभावित हो रही है।

चौहान का आरोप है कि क्षेत्र में बीपीएल लाइन से पंप लाइन को बिजली सप्लाई दी जा रही है। उनके मुताबिक इस व्यवस्था के कारण ग्रामीणों को लो-वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इन आरोपों को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी दिखाई दी। धरने पर बैठे लोगों ने बिजली विभाग से व्यवस्था दुरुस्त करने और खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की मांग की।

जनपद सदस्य की चेतावनी—अब आर-पार की लड़ाई
सब स्टेशन पर धरने के दौरान जनपद सदस्य शिवकुमार चौहान ने कहा कि ग्रामीण काफी समय से बिजली की समस्या झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों और मांगों के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

चौहान ने चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार को लाइनमैन को निलंबित नहीं किया गया और खराब ट्रांसफार्मरों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो देर शाम बिजली सब स्टेशन की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी यदि विभाग और प्रशासन ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अगले दिन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद बिजली विभाग और प्रशासन के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती बढ़ गई है।

लाइनमैन ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, धरने और अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर लाइनमैन धनीराम प्रजापति ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने जनपद सदस्य के आरोपों से इनकार किया।

धनीराम प्रजापति के अनुसार, राजगढ़ गांव में 63 केवीए की एक डीपी खराब हुई थी। उसकी रिपेयरिंग कराई गई, लेकिन रिपेयरिंग के बाद भी डीपी से केवल एक फेस का आउटपुट मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद सदस्य की ओर से ट्रांसफार्मर को तत्काल बदलने की मांग की गई थी।

लाइनमैन का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदलना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी होती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जनपद सदस्य को भी वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने की सलाह दी थी।

धनीराम के मुताबिक, इसके बाद जनपद सदस्य ग्रामीणों के साथ सब स्टेशन पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।

आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली परेशानी ग्रामीणों की
फिलहाल एक तरफ जनपद सदस्य और ग्रामीण बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ लाइनमैन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से साफ इनकार किया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रांसफार्मर बदलने में देरी की असली वजह क्या रही और लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।

हालांकि इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ी परेशानी ग्रामीणों की है, जो लंबे समय से बिजली संकट से जूझने का दावा कर रहे हैं। अब देखना यह है कि बिजली विभाग खराब ट्रांसफार्मरों और डीपी की समस्या को कितनी जल्दी दूर करता है और जनपद सदस्य की चेतावनी के बाद आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।

फिलहाल खरई में बिजली को लेकर शुरू हुआ धरना विभाग के लिए चेतावनी बन गया है—मांगें पूरी हुईं तो मामला शांत हो सकता है, लेकिन समाधान नहीं हुआ तो जनपद सदस्य ने आंदोलन को और बड़ा करने का ऐलान कर दिया है।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)