शिवपुरी में प्रशासन का एक्शन मोड:कहीं मेडिकल स्टोर सील तो कहीं सड़क की गुणवत्ता पर फटकार:जनसुनवाई में तत्काल मदद से लेकर बच्चों के स्वास्थ्य तक बड़े फैसले

Nikk Pandit
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एक ही दिन में प्रशासनिक गतिविधियों की कई तस्वीरें सामने आईं, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पोहरी में विकास कार्यों, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण; जनसुनवाई में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं

खुशबू शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले में मंगलवार का दिन प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण रहा। जिले में एक तरफ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पोहरी विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर विकास कार्यों की गुणवत्ता परखी, वहीं दूसरी ओर जनसुनवाई शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही राहत पहुंचाई गई। इसी बीच जिले में मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई सामने आई, जहां जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर चार मेडिकल स्टोर सील कर दिए गए।

प्रशासनिक गतिविधियों का असर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी दिखाई दिया। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए विकासखंड स्तर पर शिविरों की घोषणा की गई है। वहीं 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जिले के 7 लाख 19 हजार 235 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

उधर मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल शिवपुरी जिले से केवल रामेश्वरम के लिए 15 नवंबर 2026 को यात्रा निर्धारित है। इससे पहले एक से अधिक यात्राओं की खबरों के कारण वरिष्ठ नागरिकों में पैदा हुए भ्रम को दूर किया गया है।

कुल मिलाकर, मंगलवार को शिवपुरी जिले में प्रशासनिक स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, स्कूल, अतिक्रमण, जनसुनवाई, दवा दुकानों की जांच और तीर्थ यात्रा तक कई मोर्चों पर गतिविधियां देखने को मिलीं।


सड़क की खराब गुणवत्ता देख कलेक्टर हुए नाराज, ठेकेदार को नोटिस के निर्देश

पोहरी विकासखंड के ग्राम लोहरेहार में सड़क निर्माण का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर अर्पित वर्मा को निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी नजर आई। मौके पर सड़क निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने संबंधित फर्म द्वारा पूर्व में बनाई गई अन्य सड़कों की सूची भी उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच कराई जा सके।

प्रशासन के इस रुख से साफ है कि सरकारी निर्माण कार्यों में केवल काम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।

इसी दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज ने एनडीबी पैकेज-07 के अंतर्गत शिवपुरी-पोहरी-कराहल-गोरस मार्ग का निरीक्षण किया। करीब 236.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मार्ग की लंबाई 45 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना का करीब 37.290 किलोमीटर हिस्सा वन प्रभावित क्षेत्र में आता है। परियोजना को 20 मई 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है।

परियोजना के तहत जल संरक्षण के लिए ‘लोक कल्याण सरोवर’ और 30 वाटर रिचार्ज पिट का निर्माण भी कराया जा चुका है। कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-सीमा और गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।


स्कूल में बच्चे जमीन पर बैठे मिले तो कलेक्टर ने दिए बेंच लगाने के निर्देश

ग्राम छर्च स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई की स्थिति जानी।

निरीक्षण के दौरान जब बच्चों के जमीन पर बैठकर पढ़ने की स्थिति सामने आई तो कलेक्टर ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच और फर्नीचर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

विद्यालय परिसर के आसपास शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला भी सामने आया। कलेक्टर ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की जाए।


स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर व्यवस्थाएं जांचीं, बेहतर काम करने वाली नर्सों की सराहना

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छर्च का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पीएनसी वार्ड, प्रसूति कक्ष और टीकाकरण अनुभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान मरीजों की बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य केंद्र के संचालन में योगदान के लिए नर्स अरुणा पटेल एवं प्रमिला दुबे के कार्य की सराहना भी की गई।


रास्ते में ग्रामीण दिखे तो कलेक्टर ने रुकवाई गाड़ी, खुद पहुंचे कुड़ी गांव

प्रशासन की कार्रवाई का एक अलग मानवीय पहलू भी सामने आया। छर्च में जनसुनवाई के लिए जाते समय कलेक्टर की नजर कुड़ी गांव के पास एकत्र ग्रामीणों पर पड़ी। उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद स्वयं गांव की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग का जायजा लेने पहुंचे।

ग्रामीणों ने गांव में सड़क की समस्या बताई। इसके साथ ही बिजली, पेयजल, आवास, राशन, पेंशन और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी अपनी बातें रखीं।

कलेक्टर ने तत्काल ग्राम सचिव को गांव में उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदार और जनपद सीईओ को कुड़ी गांव में विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।


जनसुनवाई में दौलतराम को मिली 10 हजार रुपये की तत्काल मदद

ग्राम छर्च में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर में बीमारी से परेशान दौलतराम कुशवाह ने अपनी आर्थिक परेशानी कलेक्टर के सामने रखी। बीमारी और इलाज के खर्च की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेडक्रॉस से 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

जनसुनवाई में कई अन्य मामलों का भी मौके पर निराकरण किया गया।

कमला पति प्रभु जाटव, खैंरू पिता कमलू जाटव, अनीता पति सुआलाल और गया पति करनजीत कुशवाह सहित पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए।

वहीं संतोष कुशवाह, ग्यारसी कुशवाह, अंजू जाटव, रामसिंह जाटव, राकेश कुशवाह और लाली जाटव को खाद्यान्न पात्रता पर्ची उपलब्ध कराई गई।

राजस्व विभाग द्वारा फौती नामांतरण से संबंधित मामलों में खसरा और खतौनी की अद्यतन प्रतियां भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी शासकीय सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।


मेडिकल स्टोरों पर छापा, रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली तो चार दुकानें सील

स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई जिले में औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान सामने आई।

कलेक्टर के निर्देश पर औषधि निरीक्षकों के संयुक्त दल ने जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान स्टॉक, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के लिए उमेश रामचंदानी, रवि कुमार जाटव, जितेंद्र शर्मा और तनु गुप्ता के दल ने कार्रवाई की।

निरीक्षण के दौरान शिवपुरी के मेसर्स अलाव्य मेडिकल स्टोर, सहज मेडिकल स्टोर, एमएम फार्मेसी, श्री श्याम मेडिकल स्टोर और श्री सिद्धि विनायक मेडिकल स्टोर की जांच की गई।

जांच में रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताएं सामने आने तथा मौके पर बिक्री अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण अलाव्य मेडिकल स्टोर, सहज मेडिकल स्टोर, एमएम फार्मेसी और श्री श्याम मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।

इन प्रतिष्ठानों से दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमावली 1945 के तहत की गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल स्टोर्स पर मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


23 सितंबर से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मूल्यांकन शिविर

जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भी महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत तथा आउट ऑफ स्कूल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की चिकित्सकीय पहचान और मूल्यांकन के लिए 23 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में मेडिकल बोर्ड और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों का चिकित्सकीय मूल्यांकन करेगी। शिविर स्थलों पर ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन भी किया जाएगा।

विकासखंडवार कार्यक्रम के अनुसार—

  • 23 सितंबर — खनियाधाना
  • 24 सितंबर — करैरा
  • 25 सितंबर — नरवर
  • 26 सितंबर — पिछोर
  • 28 सितंबर — बदरवास
  • 29 सितंबर — पोहरी
  • 30 सितंबर — कोलारस
  • 1 अक्टूबर — शिवपुरी

अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को संबंधित शिविर स्थल पर लेकर पहुंचें, ताकि चिकित्सकीय मूल्यांकन के साथ पात्र बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।


6 अक्टूबर को 7.19 लाख से ज्यादा बच्चों को दी जाएगी एल्बेंडाजोल

स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। 6 अक्टूबर 2026 को जिले में 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।

कुल 7 लाख 19 हजार 235 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी बच्चों को निर्धारित आयु के अनुसार सही डोज दी जाए।

आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों और ड्रॉपआउट किशोर-किशोरियों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

जो बच्चे 6 अक्टूबर को किसी कारणवश दवा लेने से छूट जाएंगे, उन्हें 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस पर दवा दी जाएगी।


तीर्थ दर्शन यात्रा को लेकर प्रशासन ने साफ किया भ्रम: 15 नवंबर को रामेश्वरम जाएगी यात्रा

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लेकर वरिष्ठ नागरिकों के बीच बने भ्रम को भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है।

जिला शहरी विकास अभिकरण के अनुसार वर्तमान स्वीकृत शेड्यूल में शिवपुरी जिले से केवल एक तीर्थ दर्शन यात्रा निर्धारित है, जो 15 नवंबर 2026 को रामेश्वरम धाम के लिए रवाना होगी।

विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्तमान शेड्यूल में जिले से इसके अलावा कोई अन्य तीर्थ यात्रा प्रस्तावित या निर्धारित नहीं है।

विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों और पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि वे अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए अधिकृत विभागीय सूचना को ही आधार बनाएं।


प्रशासन के एक्शन मोड की तस्वीर साफ

शिवपुरी में 22 सितंबर की प्रशासनिक गतिविधियों को एक साथ देखा जाए तो तस्वीर कई मोर्चों पर सक्रिय प्रशासन की दिखाई देती है। पोहरी में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा तो ठेकेदार को नोटिस के निर्देश दिए गए। स्कूल में बच्चों के लिए फर्नीचर की कमी सामने आई तो तत्काल व्यवस्था के निर्देश हुए। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं की जांच हुई तो बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों की सराहना भी हुई।

कुड़ी गांव में ग्रामीणों से सीधे संवाद से लेकर छर्च की जनसुनवाई में आर्थिक सहायता तक, प्रशासनिक गतिविधियों में ग्रामीण समस्याओं पर भी फोकस नजर आया।

इसी बीच मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी को भी सामने रखा। चार मेडिकल स्टोर सील किए जाने के बाद अब जिले के अन्य दवा विक्रय प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी बढ़ने की संभावना है।

दूसरी ओर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के मूल्यांकन शिविर और 7.19 लाख से अधिक बच्चों को कृमिनाशक दवा देने की तैयारी यह संकेत देती है कि प्रशासनिक एजेंडे में स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

यानी शिवपुरी में एक ही दिन में सड़क से स्कूल तक, अस्पताल से मेडिकल स्टोर तक, जनसुनवाई से स्वास्थ्य अभियान तक—प्रशासनिक गतिविधियों की कई तस्वीरें सामने आईं।

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