पंचायत सचिव ही भूल गया उन दुकानदारों के पते, जिन्हें उसने 20 लाख का भुगतान किया-एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर की फर्जी भुगतान मामले की जांच,

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिले की पोहरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत झिरी के पंचायत सचिव नेपाल वर्मा ने पंचायत में आदिवासी महिला सरपंच की अनभिज्ञता का फायदा उठाते हुए करीब 20 लाख रुपये के कागजों में ही फर्जी भुगतान कर दिए। जिला पंचायत सीईओ को मिली शिकायत के आधार पर जब पोहरी एसडीएम से जांच करवाई गई तो सब कुछ कागजीबाड़ा निकला। न तो निर्माण कार्य पूरे थे और न ही मौके पर वह दुकानें थीं, जिन्हें लाखों रुपये का भुगतान किया गया। पोहरी एसडीएम ने मामले का जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ को अग्रिम कार्रवाई के लिए भिजवाया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत झिरी का सरपंच पद अनुसूचित जनजाति महिला हेतु आरक्षित है। इसी के चलते इस बार पंचायत चुनावों के दौरान वहां पर पप्पी आदिवासी नामक महिला चुनाव लड़ कर निर्वाचित हुई। पप्पी आदिवासी की अनभिज्ञता का लाभ उठाते हुए पंचायत सचिव नेपाल वर्मा ने विकास कार्यों के नाम पर कागजीबाड़ा कर लाखों रुपये डकार लिए। मामले की शिकायत ग्रामीण मनीष धाकड़ द्वारा जनसुनवाई में दर्ज करवाई गई। उक्त शिकायत के आधार पर जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने पोहरी एसडीएम मोतीलाल अहिरवार को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। उक्त निर्देशों के क्रम में जब एसडीएम मोतीलाल अहिरवार ने तहसीलदार निशा भारद्वाज, राजस्व निरीक्षक एवं जनपद पंचायत पोहरी के उपयंत्री नीतेश गुप्ता, निलंबित सचिव ग्राम पंचायत झिरी नेपाल वर्मा तथा ग्राम पंचायत झिरी के सरपंच पप्पी आदिवासी के साथ मौका निरीक्षण किया तो पाया कि पंचायत सचिव ने सारे भुगतान सिर्फ कागजों में ही किए हैं।उक्त भुगतानों की वास्तविकता जानने के लिए एसडीएम ने पंचायत सचिव को उन दुकानदारों से मिलाने के लिए कहा जिन्हें उसने 19 लाख 87 हजार 500 रुपये के भुगतान किए हैं। हालात यह बने कि पंचायत सचिव उन दुकानों और दुकानदारों के पते तक नहीं बता पाया।

 मौके पर कोई दुकान मौजूद नहीं

पंचायत सचिव ने 25 मई 2025 को 2 लाख 30 हजार रुपये के पुराने बिल भुगतान सहित 27 मई 2025 को खाटूश्याम ट्रेडर्स फतेहपुर के खाते में 7 लाख 80 हजार 500 रुपये का भगतान किया। मौके पर कोई दुकान मौजूद नहीं थी। 


खाटूश्याम ट्रेडर्स के नाम पर जिसे भुगतान किया गया, वह पंचायत सचिव का रिश्तेदार निकला। भुगतान में जीएसटी चोरी करते हुए अवैध रूप से धन निकासी की गई। 

27 मई 2025 को ही 2 लाख 30 हजार रुपये का भुगतान शिवा ट्रेडर्स को करना बताया गया। मौके पर जाकर देखा तो एक फोटो कापी की दुकान मिली, जो पंचायत सचिव के भतीजे के नाम पर है।

27 मई को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने अतुल ट्रेडर्स को 7 लाख 47 हजार रुपये का भुगतान दो बिल से किया गया। मौके पर कोई दुकान नहीं मिली। 

अधूरे मिले निर्माण कार्य

अकील खान के खेत के पास 14 लाख 86 हजार रुपये की लागत से चैक डेम निमार्ण कार्य करना दर्शाया गया, परंतु मौके पर यह अपूर्ण एवं क्षतिग्रस्त मिला।-पंचू के खेत के पास 8 लाख 91 हजार रुपये की लागत से रपटा बनाना दर्शाया गया। जांच के दौरान मौके पर अपूर्ण पाया गया। 

भरकावर वाले नाले पर 8 लाख 7 हजार रुपये की लागत से रपटा निर्माण करना दर्शाया गया। जांच के दौरान मौके पर अपूर्ण पाया गया।

प्रकाश जाटव के घर से पप्पू जाटव के घर तक 4 लाख 91 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य होना बताया गया। जांच के दौरान मौके पर अपूर्ण पाया गया।-आंगनबाड़ी से सरकारी बोर तक 3 लाख 68 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण बताया गया। जांच के दौरान मौके पर अपूर्ण पाया गया।

इनका कहना है

मामले में पंचायत सचिव के खिलाफ धारा 92 का मामला दर्ज कर उससे राशि की वसूली की जा रही है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए भी जांच प्रचलन में है। 

बृहमेंद्र गुप्ता सीईओ पोहरी
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