नगर पालिका अध्यक्ष पर भी हो सकती है कार्रवाई
कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी की जांच रिपोर्ट में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को भी दोषी पाया गया है। उन पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना है। जांच में पता चला कि 2022 से अब तक 743 कार्य स्वीकृत किए गए। इन कार्यों की कुल लागत 54.80 करोड़ रुपए थी।
पेमेंट देने में कई गड़बड़ियां
कई काम या तो अधूरे हैं या शुरू ही नहीं हुए। भुगतान में बड़ी अनियमितताएं मिलीं। कुछ ठेकेदारों को एक-दो माह में भुगतान कर दिया गया। वहीं कई ठेकेदार लंबे समय से भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। परिषद और पीआईसी की बैठकों में वित्तीय स्थिति की अनदेखी की गई।
बजट प्रावधानों को नजरअंदाज करते हुए करोड़ों के प्रस्ताव पास कर दिए गए। एक-एक लाख की फाइल बनाकर फर्जी भुगतान कराए गए। कई फाइलें नगर पालिका कार्यालय की बजाय अध्यक्ष के घर से संचालित की गईं।
भवन निर्माण स्वीकृति पोर्टल पर 55 प्रकरण समय सीमा से बाहर लंबित मिले। आयुक्त भोंडवे ने इन सभी अनियमितताओं को देखते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होगी।