सहरिया समुदाय के लोग पिछले 40 वर्षों से पाडरखेड़ा तालाब के पास की जमीन पर खेती कर रहे हैं। यह जमीन उनकी आजीविका का एकमात्र जरिया है। इस जमीन पर बाउंड्री निर्माण से उनकी खेती प्रभावित हो रही है।
बाउंड्री निर्माण के कारण हो रहा संकट ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि बाउंड्री निर्माण से उनके सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।
सहरिया परिवारों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि बाउंड्री का निर्माण उनकी खेती वाली जमीन को छोड़कर किया जाए। इससे वे बिना किसी रुकावट के अपनी खेती जारी रख सकेंगे और उनका जीवन यापन सुचारू रूप से चल सकेगा।