उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा ग्राम दिदावनी में लोअर ओर बांध (नागाहोड़ी डेम) से एक नहर निकाली जा रही है। दिदावनी के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ऊपर से बनाई जा रही नहर के कारण उनके मकान, जमीन आदि प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नहर से होने वाले लीकेज के कारण उनके मकान तो प्रभावित होंगे ही साथ ही उनके खेतों में भी साल भर पानी भरा रहेगा। ऐसी स्थिति में उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। गांव के लोग शासन से खुद के विस्थापन की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते गांव वालों ने नहर के काम को रोकने का प्रयास किया।
इसी क्रम में मंगलवार को ग्रामीण पिछोर पहुुंंचे उन्होंने एसडीएम ममता शाक्य को ज्ञापन सौंप कर मांग खुद के विस्थापन की मांग की। जब वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने लभेड़ा तिराहे के पास उर नहर परियोजना के तहब बनाई गई नहर में जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। कुछ घंटे बाद पिछोर तहसीलदार ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह बुधवार को गांव पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगे और उनकी मांगों को मनवाने की दिशा में काम करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की दोपहर एसडीएम ममता शाक्य सहित, नहर प्रभारी सहित अन्य अधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय उल्टा उन्हीं पर एफआईआर करवाने के लिए थाने पहुंच गए। इस पर ग्रामीणों ने बांध क्षेत्र में पानी में जाकर जल सत्याग्रह किया। ग्रामीणों के अनुसार उनके नीचे से राजघाट नहर निकली है, जिससे वह पहले ही परेशान हैं। अब ऊपर से उर नहर निकलेगी तो वह तो पूरी तरह से पानी में फंस जाएंगे। यही कारण है कि वह पूर्णत: विस्थापन की मांग कर रहे हैं।
*(फैक्ट फाइल)*
-गांव में 1050 की वोटिंग और करीब 2000 की आबादी है।
-गांव में 200 परिवार निवास करते हैं।
-लगभग 40 प्रतिशत लोगों को मुआवजा दिया गया है।
-60 प्रतिशत लोगों को मुआवजा नहीं मिला है।
*(अब भोपाल में करेंगे जल सत्याग्रह)*
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी यहां सुनवाई नहीं की जा रही है। वह सब लोग चंदा करके भोपाल जाएंगे। भोपाल में अपनी बात सीएम डा मोहन यादव के समक्ष रखेंगे और बड़े तालाब में अपनी मांगों को लेकर जल सत्याग्रह शुरू करेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह पानी से बाहर नहीं निकलेंगे।
*(मंदिर पर खाई कसम, भर देंगे थाना)*
ग्रामीणों का यहां तक कहना है कि प्रशासन ने भले ही दमनात्मक नीति अपनाते हुए ग्रामीणों पर एफआईआर करवा दी है, परंतु पुलिस ने अगर एक भी ग्रामीण को गिरफ्तार किया तो, पूरे गांव ने मंदिर पर कसम खा ली है। पूरा गांव थाने पर बैठ जाएगा और थाने को भर देगा, फिर पुलिस बंद करे कहां बंद करती है।
*(इनका कहना है)*
-मुझे जहां तक पता है कि दिदावली में कुछ भी नहीं हुआ है। आप बता रहे हैं तो मैं पता कर लेती हूं कि दिदवली में कुछ भी नहीं हुआ है।
*(ममता शाक्य,एसडीएम पिछोर)*
-दिदावनी में उर नहर परियोजना के अधिकारियों की तरफ से करीब 5 से 6 नामजद व 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की एफआईआर दर्ज करवाई है।
*(प्रशांत शर्मा,एसडीओपी पिछोर)*