पीड़ित सुगन जाटव ने बताया कि वह खेत से घर लौट रहा था। तभी धर्मेंद्र धाकड़, कन्नू धाकड़, मंजू धाकड़ और आनंद धाकड़ ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक गालियां दीं और डंडे व ईंटों से हमला किया। सुगन को लात-घूंसों और थप्पड़ों से भी पीटा गया।
धाकड़ पक्ष ने भी की शिकायत
दूसरे पक्ष के आनंद धाकड़ ने बताया कि 9 सितंबर को उनकी मां कब्जे वाली जमीन पर फसल देखने गई थीं। वहां जाटव पक्ष के लोग फसल जोत रहे थे। जब उनकी मां ने इसका विरोध किया, तो उन्हें गालियां दी गईं और धमकाया गया। आनंद धाकड़ का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश के कारण बाद में झगड़ा हुआ।
पुलिस ने एससी एसटी एक्ट में दर्ज किया मामला
तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि जाटव पक्ष की ओर से गंभीर चोटें आने पर एससी-एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। धाकड़ पक्ष की शिकायत पर एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) भी दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।