सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में किसानों को खाद के लिए लाइन में घंटों खड़ा होना पड़ रहा है। बीते दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, लेकिन इसके बावजूद किसान टोकन लेने के लिए केंद्रों पर पहुंचे। फिलहाल एक टोकन पर सिर्फ 2 यूरिया और 2 एपीके की बोरियां दी जा रही हैं। किसानों को इससे ज्यादा खाद की जरूरत है, इसलिए भीड़ बढ़ रही है।
सोमवार को जिलेभर में बारिश हो रही थी। इसके दौरान करैरा के खाद वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी रहीं। कई किसान छाता लगाए थे, जबकि महिलाएं और बुजुर्ग बिना छाते के भीगते हुए खड़े थे। सभी की कोशिश थी कि किसी तरह टोकन मिल जाए, ताकि खाद घर ले जा सकें।
स्कूल की जगह टोकन लेने पहुंची छात्राएं
लाइन में खड़ी भीड़ में कक्षा 6वीं की छात्रा माधवी भी नजर आई। उसने कहा कि उसे आज स्कूल जाना था, लेकिन उसके पिता ने उसे टोकन लेने भेज दिया। वह अपने गांव कालीपहाड़ी से सुबह 4 बजे आई थी। वह बारिश में 8 घंटे खड़ी रही, लेकिन उसे टोकन नहीं मिला।
कुर्रोल गांव की मानकुंवर भी सुबह 3 बजे उठकर करैरा पहुंच गई थीं। उन्होंने कहा कि बारिश न रुकने से सब परेशान हैं, लेकिन खाद जरूरी है इसलिए लाइन में खड़े हैं।
किसान टोकन के लिए 3 बजे सुबह से लाइन में लग गए थे।
खाद के लिए तीन बार लाइन लगानी पड़ रही
किसानों का कहना है कि करैरा में खाद लेने की प्रक्रिया काफी मुश्किल है। पहले टोकन के लिए लाइन लगानी होती है। इसके बाद भुगतान और रसीद के लिए अलग लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इसके बाद तीन किमी दूर गोदाम जाकर बोरियां लेनी पड़ती हैं। किसान सुबह 4 बजे से शाम तक इसी में लगे रहते हैं।
जरूरत से कम खाद मिल रहा है
इस समय किसानों को बुवाई और फसल बढ़ाव के लिए अधिक खाद की जरूरत होती है। लेकिन टोकन पर सिर्फ 4 बोरी खाद (2 यूरिया + 2 एपीके) मिलने से जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। इसी वजह से रोजाना सैकड़ों किसान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और भीड़ लगातार बढ़ रही है।
पहले बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। अब खाद की कमी से नई फसल पर असर पड़ने की चिंता है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो खेती का काम रुक सकता है।