आरएसएस भ्रष्टाचार का अंग बन गई है, भाजपा और आरएसएस दोनों मिलकर प्रदेश को लूट रहे: दिग्विजय बोले, नेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों में भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की पार्टनशिप चल रही है

Nikk Pandit
0
सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को शिवपुरी में अपने प्रवास के दौरान आरएसएस और उसके कार्यकर्ताओं की कार्य प्रणाली पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उसे भ्रष्टाचार का अंग करार दिया है। दिग्विजय सिंह ने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि आरएसएस और भाजपा दोनों मिलकर देश को लूट रहे हैं। प्रदेश में भाजपा नेताओं ओर अधिकारी, कर्मचारियाें के बीच भ्रष्टाचार को संरक्षण देने की पार्टनरशिप चल रही है। उन्होंने यह बात प्रदेश भर की नगरीय निकायों में अध्यक्ष और भाजपा पार्षदों के बीच चल रही आपसी खींचतान व नगरीय निकाय के अध्यक्षों पर भ्रष्टाचार साबित होने के बाद कार्रवाई न किए जाने के संबंध में किए गए एक प्रश्न पर कही।

दिग्विजय सिंह का कहना था कि सारी लड़ाई पैसे की है। 

आरएसएस भी अब ईमानदार नहीं रही है। आरएसएस कार्यकर्ता बेईमान हो चुके हैं। एक जमाने में आरएसएस के लोग चना खाकर प्रचार करते थे और सायकल पर चलते थे, परंतु आजकल वे ही भ्रष्टाचार का एक अंग बन चुके हैं, इसलिए ये भाजपा और संघ मिलकर प्रदेश को लूट रहे हैं। यही कारण है कि यहां की जितनी नगर पालिकाओं में लड़ाई हो रही है, वह शुद्ध रूप से पैसे की लड़ाई है, भ्रष्टाचार की लड़ाई है। यही कारण है कि पहले सरकार न कहा दो-तिहाई बहुमत आ जाएगा तो अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाएगा। अब उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव खाली कुर्सी, भरी कुर्सी के हिसाब से होगा। यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार को पनपाने और संरक्षण देने के लिए किया है, क्योंकि इनका माडल आफ गवर्नेंस है कि अधिकारी, कर्मचारी और भाजपा नेता मिलकर काम करेंगे, मिलकर ठेके लेंगे। उनका कहना था कि अधिकारी कर्मचारी और नेता मिलकर काम करेंगे तो यह पार्टनरशिप हो गई। जब यह पार्टनरशिप हो गई तो संबंध अधिकारी, कर्मचारी और नेता का नहीं बल्कि पार्टनर का हो गया, जबकि नेता की जबाबदेही होती है कि काम ईमानदारी से हो, गरीब लोगों का काम हो, भ्रष्टाचार कम हो। आज हालात यह हो गए हैं कि अगर एक लाख का प्रोजेक्ट है तो उसका 30 से 40 प्रतिशत तो रिश्वत में ही चला जा रहा है।

सांसद और विधायक कमीशन पर देते से निधि दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि आज भाजपा के अधिकांश एमएलए और एमपी, विधायक निधि व सांसद निधि कमीशन पर देते हैं। यहां तक कि जो पैसा डायरेक्टली केंद्र सरकार और राज्य सरकार के पास से आता हैं, वहा पंचायतों को 15-20 प्रतिशत कमीश्न देना पड़ता है। इस कमीशन में भाजपा नेताओं का हिस्सा है। दिग्विजय सिंह के अनुसार आज हालत यही हैं, तुम भी खाओ, हमें भी खिलाओ, ताकि भ्रष्टाचार की पार्टनरशिप मजबूती के साथ चलती रहे।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)