सागर शर्मा शिवपुरी:खबर ग्वालियर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद हालात गरमाए हुए हैं। हाईकोर्ट के वकील अनिल मिश्रा के विवादित बयान के बाद मामला और तूल पकड़ गया था। उनके बयान का विरोध करते हुए भीम आर्मी ने 15 अक्टूबर को ग्वालियर में प्रदर्शन का ऐलान किया था, वहीं अनिल मिश्रा के समर्थकों व हिंदू संगठनों ने भी विरोध में ग्वालियर पहुंचने का आह्वान किया था। हालांकि प्रशासनिक समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
फिर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्वालियर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। इसी के तहत शिवपुरी जिले में भी पुलिस अलर्ट मोड पर रही। शिवपुरी शहर के ठकुरपुरा थीम रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सभी वाहनों की सघन जांच की। जो लोग ग्वालियर आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे, उन्हें मौके पर ही रोक दिया गया।
इस दौरान कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता ग्वालियर जाने का प्रयास करते दिखे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ठकुरपुरा क्षेत्र में रोककर समझाइश दी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे एडवोकेट अनिल मिश्रा के जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, विवाद के लिए नहीं।
इस दौरान कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता ग्वालियर जाने का प्रयास करते दिखे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ठकुरपुरा क्षेत्र में रोककर समझाइश दी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे एडवोकेट अनिल मिश्रा के जन्मदिन समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, विवाद के लिए नहीं। बावजूद इसके, प्रशासन ने किसी को भी ग्वालियर नहीं जाने दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
पुलिस ने ग्वालियर मार्ग पर एनएच-46 के कटमई, सतनवाड़ा और सुभाषपुरा थाना क्षेत्रों में भी बैरिकेड लगाकर सख्त निगरानी रखी। दिनभर पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ और एडिशनल एसपी संजीव मूल स्वयं मौके पर पहुंचकर हालात पर नजर बनाए रहे।
किसी को भी ग्वालियर नहीं जाने दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने