तहसीलदार बैराड़ सुबह 5 से 8 बजे तक यूरिया खाद के टोकन वितरित कर रहे थे। इस दौरान लगभग 1100 किसानों को दो-दो बोरी खाद के लिए टोकन जारी किए गए। वितरण समाप्त होने के बाद, सुबह करीब 9:19 बजे, ग्राम खटका निवासी ओमपाल बघेल अपने साथियों के साथ तहसीलदार के आवास पर पहुंचे।
ओमपाल बघेल बिना अनुमति के सीधे घर के अंदर और फिर बेडरूम तक पहुंच गए। उस समय तहसीलदार कार्यालय जाने की तैयारी कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी रसोई में थीं। इस तनावपूर्ण स्थिति में भी तहसीलदार ने संयम बनाए रखा। उन्होंने किसान को शांतिपूर्वक बाहर आने के लिए कहा और बाद में उसे खाद का टोकन भी उपलब्ध कराया।
तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने सुबह 8 बजे तक खाद के टोकन बंटवाकर क्वाटर पर लौट आए थे। उस किसान ने 8 बजे के बाद खाद का टोकन लेने के लिए खाद वितरण केंद्र पर आना था। जब उसे टोकन नहीं मिला, तो वह अपनी साथी और कुछ युवकों के साथ क्वाटर पर आया और उनके बहकावे में आकर भीतर घुस गया। तहसीलदार ने उससे बात की और किसान ने खाद के बारे में अपनी बात बताई।
कुछ देर बाद, किसान ओमपाल को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने तहसीलदार से लिखित और मौखिक रूप से क्षमा मांगी। दोनों पक्षों ने घटना की सूचना थाना बैराड़ को दी है।
किसानों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए प्रशासन ने 10 नवंबर से ई-टोकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान 07492-181 नंबर पर कॉल करके पंजीकरण करा सकेंगे और एसएमएस के माध्यम से निर्धारित समय पर खाद प्राप्त कर पाएंगे। इस नई प्रणाली से लंबी कतारों से राहत मिलेगी और वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम व पारदर्शी बनेगी।