सनातन संस्कृति की रक्षा की ली शपथ; मनुस्मृति जलाने का हुआ विरोध:भिंड में वैदिक मंत्रों से मनुस्मृति का पूजन

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के खनियाधाना क्षेत्र में धार्मिक ग्रंथ मनुस्मृति को जलाए जाने की घटना के विरोध में भिंड शहर में रविवार को सवर्ण समाज, परशुराम सेना, श्रीराम सेना, सवर्ण आर्मी सहित अन्य सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।

संगठनों ने इस घटना को सनातन संस्कृति, सामाजिक संरचना और पारंपरिक मूल्यों पर आघात बताते हुए कड़ी निंदा की।

विरोध स्वरूप भिंड शहर के कुंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महर्षि मनु द्वारा रचित महाग्रंथ मनुस्मृति का विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। पूजन के दौरान वैदिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया गया।

पूजन करते हुए सवर्ण समाज के लोग।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मनुस्मृति भारतीय समाज की एक प्राचीन ग्रंथ परंपरा का हिस्सा रही है, जिसके माध्यम से समाज, परिवार और जीवन के संस्कारों की व्यवस्था बनी। किसी भी ग्रंथ या विचार का विरोध संवाद और संवैधानिक दायरे में होना चाहिए, न कि ऐसे कृत्यों से जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।

इस अवसर पर वक्ताओं ने खनियाधाना की घटना के माध्यम से समाज में तनाव और विभाजन पैदा करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सहिष्णुता, मर्यादा और शांति का संदेश देती है,जिसे संगठित रहकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मंदिर के महंत शास्त्री बरूआ महाराज, परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा 'सोनू', देवेंद्र शर्मा, दुश्यंत सिंह, सवर्ण आर्मी के अध्यक्ष, विनीत शर्मा 'बंटी', परशुराम सेना के उपाध्यक्ष, बांके बिहारी, मंतोष, रोमी चौहान, श्रीराम सेना से कुलदीप तिवारी, अनुज 'प्रिंस' दुरबार, आदित्य शास्त्री, राहुल गुर्जर, शुभम पचौरी, राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन से कुलदीप गुर्जर, गोलू शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने “जय श्रीराम" के नारों के साथ सनातन संस्कृति की रक्षा और सामाजिक एकता बनाए रखने की शपथ ली।
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