सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर में परमानंद धाकड़ की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। गुरुवार को परिहार समाज के सदस्यों ने खुद को झूठे मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और न्यायोचित जांच की मांग की।
मामले में आरोपी बनाए गए उत्तम परिहार, जगदीश परिहार, विशाल परिहार और सीमा परिहार ने बताया कि उनका मृतक परमानंद से किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। उनका दावा है कि विवाद केवल हाकिम धाकड़ से हुआ था।
परिहार पक्ष के अनुसार, हाकिम धाकड़ 30 नवंबर को उनकी दुकान पर आया था। पैसे न होने पर सामान न देने पर उसने जातिसूचक गालियां दीं और धमकी देकर चला गया था। इस घटना की सूचना तत्काल डायल 112 और कोलारस थाना पुलिस को दी गई थी, और पुलिस ने उनका लिखित आवेदन भी दर्ज किया था।
परिहार पक्ष ने कहा- शराब लत के कारण सुसाइड परिहार पक्ष का कहना है कि 2 दिसंबर की रात परमानंद ने घरेलू विवाद, शराब पीने की लत और परिजनों द्वारा की जा रही प्रताड़ना के कारण आत्महत्या की है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतक की पत्नी और भाई उससे आए दिन मारपीट करते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहता था।
इसके बावजूद, अगले ही दिन पुलिस ने बिना किसी गहन जांच के उनके नाम एफआईआर में जोड़ दिए। परिहार पक्ष का आरोप है कि परमानंद से उनका कोई मनमुटाव नहीं था और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
गौरतलब है कि परमानंद धाकड़ ने अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इस घटना के बाद बुधवार को धाकड़ समाज के लोगों ने कोलारस में एनएच-46 पर चक्का जाम कर परिहार पक्ष पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने दुष्प्रेरण की धाराओं में चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
परिहार परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वास्तविक परिस्थितियों की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने दोषियों की पहचान करने और उन्हें झूठे मामले में फंसाने का प्रयास कर रहे पक्ष पर कार्रवाई करने की अपील की है।
परिहार पक्ष का विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और वे दोषमुक्त साबित होंगे। उन्होंने एसपी से न्यायपूर्ण कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।