सीएम ने वीरा के दो शावकों सहित तीन चीते खुले जंगल में छोड़े:कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर 19 हुई

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को तीन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। इनमें दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता वीरा और उसके नौ माह के दो शावक भी शामिल हैं। इस रिलीज़ के साथ ही खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की संख्या 16 से बढ़कर 19 हो गई है।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में कुल 29 चीते मौजूद हैं, जिनमें खुले जंगल में घूमने वाले और बाड़े में रखे गए दोनों श्रेणियों के चीते शामिल हैं। इसके अलावा गांधीसागर अभयारण्य में भी 3 चीते विचरण कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक क्षण

मुख्यमंत्री मोहन यादव शिवपुरी जिले में कूनो नेशनल पार्क के अहेरा गेट पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी, एसपी अमन सिंह राठौड़, सीसीएफ उत्तम शर्मा, वन विभाग के अधिकारी, प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम ने पारोंद क्षेत्र में वीरा और दो शावकों सहित तीनों चीतों को खुले जंगल में छोड़ा और इसे मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।

सीएम ने वीरा के दो शावकों सहित तीन चीते खुले जंगल में छोड़े।

कार्यक्रम में पुस्तक और कैलेंडर का विमोचन

इस मौके पर 'क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीता इन कूनो नेशनल पार्क' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। साथ ही कूनो शोवेनियर शॉप का लोकार्पण और वर्ष 2025 का विशेष कैलेंडर भी जारी किया गया। इन पहलों को कूनो में चीता पर्यटन और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीएम की उपस्थिति में पुस्तक और कैलेंडर का विमोचन हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संदेश जारी किया। उन्होंने वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण टीमों को बधाई देते हुए कहा कि भारत में चीता पुनर्वास परियोजना मजबूत कदमों के साथ आगे बढ़ रही है। पीएम ने गर्व जताया कि अब कई चीते भारतीय धरती पर जन्म लेकर सुरक्षित रूप से पनप रहे हैं।

सीएम मोहन यादव के साथ टीम ने फोटो निकलवाया।

क्षेत्र में उत्साह, संरक्षण प्रयासों को मिली नई ताकत

वीरा और उसके दोनों शावकों सहित अन्य चीते का खुले जंगल में शामिल होना कूनो, शिवपुरी और श्योपुर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस उपलब्धि से न केवल संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या भारत की वन्यजीव संरक्षण नीति के सफल क्रियान्वयन का संकेत दे रही है।
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