दुनिया नहीं, पहले खुद को सुधारें : ममता किशोरी!ग्राम चिन्नौदी में श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य रसपान, कर्मप्रधान जीवन का दिया संदेश

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी ग्राम चिन्नौदी के बाबाजी महाराज मंदिर (झिरना सरकार) परिसर में जारी सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर व्यासपीठ से ममता किशोरी ने भक्तिभाव से परिपूर्ण कथा का श्रवण कराया।

गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि वह नर-नारी अत्यंत सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें जीवन में भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है। कथा श्रवण व्यक्ति को भवसागर से पार ले जाने वाली दिव्य नौका है।उन्होंने वर्तमान समय में धर्म के नाम पर बढ़ते पाखंडवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल दिखावे और आडंबरों का बोलबाला है, जबकि धर्म का वास्तविक स्वरूप सरलता, सच्चाई और सद्कर्मों में निहित है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि अपने विवेक से निर्णय लें और धर्म की आड़ में फैल रहे छल-कपट से सावधान रहें। ममता किशोरी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जीवन में कर्म ही प्रधान हैं, पाठ-पूजा तभी सार्थक होती है जब हमारे कर्म अच्छे हों। यदि हम स्वयं में सुधार कर लें, तो समाज और दुनिया अपने-आप सुधर जाएगी।

ग्रामीणों की ओर से आयोजित इस कथा में क्षेत्रीय भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अध्यात्म रस का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने भजन, कीर्तन और कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया तथा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से प्रेरणा ग्रहण की। रामनिवास बघेल पत्रकार चिन्नौदी ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों की ओर से किया जा रहा है!
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