जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद विभाग के अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने बैठक में बताया कि मैरिज गार्डन, शादी घरों आदि जहां पर विवाह का आयोजन किया जाता है, ऐसे स्थानों पर आयोजकों द्वारा खाद पदार्थों के निर्माण में कुकिंग ऑयल का उपयोग किया जाता है। उक्त उपयोग में लाए गए कुकिंग ऑयल को मार्केट में विक्रय किया जाता है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कुकिंग ऑयल का संबंधित स्थलों पर ही विनष्टीकरण कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि अमानक खाद के विक्रेताओं के विरुद्ध अभीतक किए जुर्मानों में 2 लाख 95 हजार रूपए की वसूली की जा चुकी है, जिस पर कलेक्टर श्री चौधरी ने शेष जुर्माने की राशि की भी जल्द से जल्द वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नमकीन विक्रेताओं की दुकानों के भी सेम्पल लीजिए। गडबडी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही कीजिए। कलेक्टर ने अतिशय पीला चना में भी गडबडी की जानकारी दी और सैंपल लेने तथा मुख्य सप्लायर के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि नकली अथवा अमानक स्तर के खाद पदार्थों का विक्रय करने वालों के विरूद्ध तो कार्यवाही कीजिए साथ ही आमजन को जागरूक करना हमारा पहला कर्तव्य है,
यदि हम जागरूकता पैदा करते है, तो व्यक्ति देख और परख कर खानें की वस्तुओं को दैनिक कार्यों में इस्तेमाल करना शुरू करेंगा। उन्होंने होटल, रेस्तरां, ढाबा और खाने-पीने की दुकानों में इस्तेमाल में लाए जाने वाले कड़ाही आदि बर्तनों पर भी जमे हुए काले तेल के संबंध में संबंधित संचालकों एवं विक्रेताओं को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों में नियमित रूप से सैंपलिंग एवं टेस्टिंग की जानी चाहिए।