ग्रामीणों ने बताया कि सर्वे नंबर 429 में, जहां घनी आबादी है और पास ही श्मशान घाट भी है, वहां नगर परिषद के सभी 15 वार्डों का कचरा डंप किया जा रहा है।
कचरे से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण स्थानीय निवासी, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। एक ग्रामीण के अनुसार, अब तक लगभग 10-12 बच्चे बीमार हो चुके हैं और कई लोगों का इलाज ग्वालियर में चल रहा है। इसके अतिरिक्त, आवारा पशु कचरे में मौजूद पॉलीथिन खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष, तहसील और स्थानीय थाने में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिषद अध्यक्ष पुलिस बल के साथ आकर ग्रामीणों पर दबाव बनाते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि कचरा डंपिंग को तत्काल आवासीय क्षेत्र से दूर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री के पास जाएंगे।