उन्हें तत्काल जिला अस्पताल शिवपुरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। अनमोल अपने परिवार में इकलौते बेटे थे, और इस घटना से परिवार में गहरा सदमा है।
यह घटना कोई एकल मामला नहीं है। बीते कुछ समय में शिवपुरी में युवाओं की अचानक हृदयाघात या सडन कार्डियक अरेस्ट से मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई
चिंताजनक पहलू यह है कि मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद शहर में अब तक पूर्णकालिक हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गंभीर मामलों में मरीजों को ग्वालियर या झांसी रेफर किया जाता है, जिससे उपचार के लिए महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' का नुकसान होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में बढ़ता तनाव, अनियमित दिनचर्या, नींद की कमी और असंतुलित खान-पान हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। इसके बावजूद, जिले में न तो नियमित कार्डियक जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और न ही अचानक हो रही इन मौतों पर कोई आधिकारिक मेडिकल अध्ययन सामने आया है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि शिवपुरी में तत्काल हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए, आपातकालीन कार्डियक सुविधाएं विकसित हों और युवाओं के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम शुरू किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।