जांच में सामने आया कि फ्रॉड की राशि से खरीदा गया एक मोबाइल शिवपुरी निवासी सोनू बाथम के पास है। सोनू ने यह मोबाइल मिलन मोबाइल सेंटर से 39 हजार रुपए में खरीदा था। जब पुलिस सोनू के पास पहुंची, तो उसने खरीद का पक्का बिल दिखाते हुए बताया कि उसने यह मोबाइल दुकान से वैध तरीके से खरीदा है।
कर्मचारी बोला- सौरभ ने बेचा था, उसने किया इनकार
सोनू द्वारा बिल दिखाए जाने के बाद गाजियाबाद पुलिस सीधे मिलन मोबाइल सेंटर पहुंची। दुकान के कर्मचारी रंजीत ने पुलिस को बताया कि उक्त मोबाइल उन्हें शहर के ही एक युवक सौरभ ने बेचा था। पुलिस ने सौरभ को भी पूछताछ के लिए पकड़ा, लेकिन उसने मोबाइल बेचने की बात से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस एक अन्य युवक को भी कोतवाली लाई थी, लेकिन व्यापारियों की भीड़ जुटने के बाद पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया।
व्यापारी के कार्ड से खरीदे थे मोबाइल और 2 आईपैड
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के एक व्यापारी के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने लगभग 3.50 लाख रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग की थी। इस राशि से एक मोबाइल फोन और दो आईपैड खरीदे गए थे। पुलिस को आशंका है कि फ्रॉड के जरिए खरीदे गए अन्य उपकरणों की सप्लाई भी इसी नेटवर्क से हुई हो सकती है। शनिवार को टीम ने शहर में कई जगहों पर पड़ताल की।
दुकान संचालक विदेश में, नोटिस जारी
गाजियाबाद पुलिस ने मिलन मोबाइल सेंटर के संचालक राहुल बंसल के नाम नोटिस जारी कर उन्हें गाजियाबाद थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि संचालक फिलहाल बिजनेस ट्रिप पर विदेश गए हुए हैं।
नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
कोतवाली शिवपुरी के उप निरीक्षक सुमित शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस साइबर फ्रॉड के मामले में आई थी। टीम ने दुकान पर पूछताछ की है, आगे की जांच गाजियाबाद पुलिस ही कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फ्रॉड से खरीदे गए मोबाइल और आईपैड किस तरह शिवपुरी पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है।